Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

‘पापमोचनी एकादशी’ है विशेष एकादशी, जानिए सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजाविधि, दुखों से मिलेगा छुटकारा और मिलेगी असीम मानसिक शांति

हर साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि के दूसरे दिन पापमोचनी एकादशी मनाई जाती है। इस बार पापमोचनी एकादशी 25 मार्च, मंगलवार के दिन रखा जाएगा।

  • By सीमा कुमारी
Updated On: Mar 12, 2025 | 05:36 PM

पापमोचनी एकादशी (सौ.सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Papmochani Ekadashi 2025: सनातन धर्म में एकादशी व्रत को सभी महत्वपूर्ण व्रतों में से एक माना जाता है। हर महीने में आने वाली एकादशी का अपना अलग ही महत्व है। हर साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि के दूसरे दिन पापमोचनी एकादशी मनाई जाती है। इस बार पापमोचनी एकादशी 25 मार्च, मंगलवार के दिन रखा जाएगा।

माना जाता है कि इस दिन पूरे सच्चे मन से विष्णु जी पूजा करने और व्रत रखने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। साथ ही, शुभ फलों की प्राप्ति होती है। तो आइए जानते हैं पापमोचनी एकादशी के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में-

कब है पापमोचनी एकादशी

सम्बंधित ख़बरें

आज है ‘पापांकुशा एकादशी, इस व्रत-कथा की पाठ से खुलेंगे किस्मत के बंद दरवाजे!

पापांकुशा एकादशी की तिथि का कन्फ़्यूज़न दूर, आज इस समय शुरू हो जाएगी यह शुभ तिथि

पापमोचनी एकादशी के दिन इन 3 स्थानों पर अवश्य जलाएं दीया, दुख-दर्द का होगा अंत, सुख-समृद्धि का होने लगेगा आगमन

‘पापमोचनी एकादशी’ की यह है सही तिथि, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत और पारण का समय

पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 25 मार्च को सुबह के 05 बजकर 05 मिनट शुरू हो रही है और तिथि का समापन 26 मार्च को सुबह में 03 बजकर 45 मिनट पर होने वाला है। उदया तिथि के अनुसार एकादशी का व्रत 25 मार्च को रखा जाएगा।

ऐसे करें पापमोचनी एकादशी की पूजा

पापमोचनी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लें।

फिर घर के मंदिर में साफ-सफाई करने का बाद गंगाजल का छिड़काव करें।

अब एक चौकी पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें।

इसके बाद भगवान विष्णु को पीले रंग के फूल, फल, चंदन, धूप, दीप आदि अर्पित करें।

फिर श्री हरि को पीले रंग की मिठाई और तुलसी दल का भोग लगाएं।

उसके बाद श्री हरि के मंत्रों और नामों का जाप करें।

अंत में विष्णु जी के समक्ष घी का दीपक जलाएं और आरती करें।

धर्म की खबरें जानने के लिए क्लिक करें…

क्या है पापमोचनी एकादशी का महत्व

सनातन धर्म में पापमोचनी एकादशी का बड़ा महत्व है। पापमोचनी एकादशी के नाम से ही सिद्ध होता है, पापों का नाश करने वाली एकादशी। पुराणों में बताया गया है कि जो मनुष्य तन मन की शुद्धता और नियम के साथ पापमोचनी एकादशी का व्रत करता है और जीवन में दोबारा कभी गलत काम न करने का संकल्प लेता है, उसके सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। उसे सभी दुखों से छुटकारा मिलता है और मनुष्य को मानसिक शांति प्राप्ति होती है।

 

Papmochani ekadashi is a special ekadashi know the correct date and auspicious time

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Mar 12, 2025 | 05:36 PM

Topics:  

  • Papmochani Ekadashi

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.