आज जन्माष्टमी की शाम तुलसी के पास करें ये काम, श्रीकृष्ण की बरसेगी असीम कृपा

Tulsi Upay :आज देशभर में जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन अगर आप तुलसी से जुड़े कुछ नियमों का ध्यान रखते हैं, तो इससे आपको शुभ परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
आज जन्माष्टमी की शाम तुलसी के पास करें ये काम, श्रीकृष्ण की बरसेगी असीम कृपा
जन्माष्टमी की शाम को तुलसी के पास जरूर करें ये काम (सौ.सोशल मीडिया)
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Tulsi Upay For Janmashtami: : पूरे देशभर में आज जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही धूमधाम एवं उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। यह पर्व जगत के संचालनकर्ता भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में हर साल मनाया जाता है। हिन्दू मान्यता के अनुसार, भगवान विष्णु के 8वें अवतार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म द्वापर युग में भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था।

इस पावन घड़ी में भगवान कृष्ण के बाल रूप की विधि-विधान से पूजा अर्चना की जाती है। इसके अलावा इस दिन अगर आप तुलसी से जुड़े कुछ नियमों का ध्यान रखते हैं, तो इससे आपको शुभ परिणाम देखने को मिल सकते हैं। आइए जानें तुलसी से जुड़े उपाय

जन्माष्टमी की शाम को तुलसी के पास जरूर करें ये काम :

तुलसी के पास दीपक जलाएं

ज्योतिषयों के अनुसार, जन्माष्टमी की शाम को तुलसी के पास शुद्ध देसी घी का दीपक जलाना बहुत शुभ होता हैं। इसके बाद तुलसी की 7 बार परिक्रमा करें और सुख-समृद्धि की कामना करें। साथ ही तुलसी माता के मंत्रों का जप व आरती करें। ऐसा करने से साधक पर तुलसी जी के साथ-साथ प्रभु श्रीहरि की कृपा भी बनी रहती है।

भोग में तुलसी का उपयोग करें

कहते है जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण को भोग लगाते समय तुलसी दल का उपयोग जरूर करें, क्योंकि तुलसी के बिना कान्हा जी का भोग अधूरा माना गया है। तुलसी अर्पित करते समय "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जप भी करें।

करें इन मंत्रों का जप

जन्माष्टमी की शाम को तुलसी पूजन के दौरान तुलसी माता के इन मंत्रों का जप भी जरूर करना चाहिए-

तुलसी स्तुति मंत्र -

देवी त्वं निर्मिता पूर्वमर्चितासि मुनीश्वरैः

नमो नमस्ते तुलसी पापं हर हरिप्रिये।।

तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी।

धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया।।

लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्।

तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया।।

तुलसी नामाष्टक मंत्र -

वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी।

पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी।।

एतभामांष्टक चैव स्त्रोतं नामर्थं संयुतम।

य: पठेत तां च सम्पूज्य सौश्रमेघ फलंलमेता।।

इन नियमों का करें पालन

हिन्दू मान्यता के अनुसार, तुलसी से जुड़े नियमों का ध्यान भी जरूर रखना चाहिए, ताकि आपको पूजा का पूर्ण फल प्राप्त हो सके। इस बात का खासतौर से ध्यान रखें कि रविवार या एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए और न ही तुलसी में जल अर्पित करना चाहिए।

सूर्यास्त के बाद भी तुलसी के पत्ते तोड़ने से बचना चाहिए। इसके बात का भी ध्यान रखें कि तुलसी को कभी भी नाखून की मदद से नहीं तोड़ना चाहिए। ऐसे में जन्माष्टमी के दिन इन सभी नियमों का ध्यान जरूर रखें।

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