Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • बुध, 15 जुलाई 2026
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • ई-पेपर
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

Miraculous Shakti Peethas: भारत के 3 रहस्यमयी शक्तिपीठ, जिनके चमत्कार आज भी विज्ञान के लिए हैं पहेली

Miraculous Shakti Peethas: भारत के कुछ शक्तिपीठ अपनी धार्मिक मान्यताओं से अधिक रहस्यमयी घटनाओं के लिए प्रसिद्ध हैं। भारत के 3 शक्तिपीठ ऐसे है, जहां होने वाले चमत्कार आज भी साइंस से परे हैं।

  • Written By: रीता राय सागर
Updated On: Jul 15, 2026 | 07:30 AM

शक्तिपीठ (फोटो.सोशल मीडिया)

Follow Us
Follow Us:

Famous Shakti Peethas In India: जब बात धार्मिक मान्यता और आस्था की होती है, तो सारे तर्क-वितर्क बेमाने हो जाते हैं। कुछ सवालों के जवाब विज्ञान भी नहीं ढूंढ पाता है। इन स्थानों पर सवालों से परे केवल अनुभव होता है, जिसे आप अपने भीतर महसूस कर सकते हैं।

भारत के शक्तिपीठ ऐसे ही पवित्र तीर्थस्थलों में शामिल हैं, जहां श्रद्धा, इतिहास और रहस्य का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, शक्तिपीठ उन स्थानों को कहा जाता है जहां देवी सती के शरीर के विभिन्न हिस्से भिन्न-भिन्न जगहों पर गिरे थे। इन्हीं कारणों से इन जगहों को दिव्य शक्ति का केंद्र माना जाता है। कई श्रद्धालु इन मंदिरों से जुड़े अपने अनुभव को साझा करते हैं, जो बेहद चमत्कारी होते हैं।

सम्बंधित ख़बरें

Gupt Navratri : आज से गुप्त नवरात्र शुरू, इस मुहूर्त में करें कलश स्थापना, हर मनोकामना होगी पूरी

Clothes Washing: क्या आप भी रात में धोते हैं कपड़े? वास्तु शास्त्र में बताए गए हैं इसके ये बड़े नुकसान

Nag Panchami 2026: नाग पंचमी पर शिवलिंग पर क्या अर्पित करें? पूजा में की गई एक गलती बिगाड़ सकती है पूरा फल

AIMIM का प्रस्ताव: स्कूलों और धार्मिक स्थलों के पास शराब दुकानें हटाने को लेकर संभाजीनगर मनपा आमसभा में हंगामा

आइए जानते हैं इन शक्तिपीठों के बारे में

कामाख्या मंदिर, असम

असम के नीलांचल पर्वत पर बसी है मां कामाख्या देवी। यह बेहद अनोखे शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। धार्मिक कथाओं के अनुसार, यहां देवी सती का गर्भ (योनि) का भाग गिरा था, जो सृजन और स्त्री शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

इस मंदिर में देवी की पारंपरिक प्रतिमा नहीं है। यहां एक प्राकृतिक शिला की पूजा की जाती है, जो एक गुफा के भीतर स्थित है और भूमिगत जलधारा के कारण हमेशा नम रहती है।

कामाख्या मंदिर का सबसे चर्चित आयोजन अंबु बाची मेला है। इस दौरान मंदिर तीन दिनों के लिए बंद रहता है। माना जाता है कि इस दौरान देवी रजस्वला होती हैं। मंदिर के पुनः खुलने पर वहां रखा गया सफेद वस्त्र लाल हो जाता है। श्रद्धालुओं को इस लाल रंग का पवित्र वस्त्र प्रसाद के रूप में दिया जाता है। यह परंपरा आज भी श्रद्धालुओं और शोधकर्ताओं, दोनों के लिए आश्चर्यजनक है।

यह मंदिर तांत्रिक साधना के लिए प्रसिद्ध है। यहां देवी को शाकाहारी और मांसाहारी दोनों प्रकार के भोग अर्पित किए जाते हैं। खास बात यह है कि मांसाहारी भोग बिना प्याज-लहसुन के बनाया जाता है। बकरी के मांस और मछली से बने व्यंजन देवी को अर्पित कर प्रसाद के रूप में बांटे जाते हैं।

कालीघाट मंदिर, कोलकाता

कोलकाता स्थित कालीघाट मंदिर देवी के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। मान्यता है कि यहां देवी सती के दाहिने पैर की अंगुलियां गिरी थीं। मां काली को समर्पित इस मंदिर में गहन आध्यात्मिक ऊर्जा है, जिसे आप वहां जाकर ही महसूस कर सकते हैं।

मंदिर में स्थापित मां काली की प्रतिमा अपनी बड़ी-बड़ी आंखों और बाहर निकली हुई जीभ के कारण विशेष पहचान रखती है। यह स्वरूप शक्ति, परिवर्तन और बुराई के विनाश का प्रतीक माना जाता है।

कई श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर में प्रवेश करते ही उन्हें एक अलग तरह की सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति का अनुभव होता है। कालीघाट मंदिर में काली पूजा के दौरान पशु बलि की परंपरा रही है। यहां बकरे की बलि देकर देवी को अर्पित किया जाता है और उसी मांस को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। हालांकि यह परंपरा कुछ लोगों के लिए विवादित रही है, लेकिन इसकी जड़ें बहुत पुरानी मान्यताओं में हैं।

ये भी पढ़ें- Nag Panchami 2026: नाग पंचमी पर शिवलिंग पर क्या अर्पित करें? पूजा में की गई एक गलती बिगाड़ सकती है पूरा फल

ज्वाला देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश का ज्वाला देवी मंदिर अन्य शक्तिपीठों से अलग है। यहां देवी की किसी प्रतिमा की पूजा नहीं की जाती है बल्कि यहां देवी प्राकृतिक रूप से जलती अखंड ज्योति के रूप में विद्यमान हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस स्थान पर देवी सती की जीभ गिरी थी।

मंदिर परिसर में चट्टानों की दरारों से कई स्थानों पर प्राकृतिक ज्वाला निकलती हैं, जो लगातार जलती रहती हैं। इन ज्योतियों ने सदियों से लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, इस प्रज्वलित ज्वाला के पीछे प्राकृतिक गैस का रिसाव है, लेकिन श्रद्धालुओं के लिए ये केवल प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि मां ज्वाला की दिव्य उपस्थिति का प्रतीक हैं। यह शक्तिपीठ आज भी आस्था और रहस्य का अनूठा संगम माना जाता है।

Miraculous shakti peethas india mysterious temples science cannot explain

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jul 15, 2026 | 07:30 AM

Topics:  

  • Religion News
  • Sanatan Culture
  • Shaktipeeths

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.