Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान का क्यों है इतना महत्व? जानिए इस विशेष अमावस्या की सही तिथि

Mauni Amavasya: प्रत्येक अमावस्या का अपना अलग महत्व होता है, लेकिन मौनी अमावस्या को विशेष स्थान प्राप्त है। इस दिन मौन व्रत रखने, पवित्र नदियों में स्नान करने और दान करने से आत्मिक शुद्धि होती है।

  • By सीमा कुमारी
Updated On: Jan 05, 2026 | 03:53 PM

कब है साल 2026 में मौनी अमावस्या? (सौ.सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Mauni Amavasya Rituals : सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का अत्यधिक महत्व है। खासतौर पर, माघ माह में पड़ने वाली अमावस्या यानी मौनी अमावस्या है जो आत्मसंयम, मौन साधना और पवित्र स्नान के लिए समर्पित है। इस बार मौनी अमावस्या की पावन तिथि 18 जनवरी 2026 को पड़ रही है।

धार्मिक ग्रंथों में अमावस्या तिथि को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। यह दिन गंगा स्नान, दान और पितरों की पूजा के लिए समर्पित होता है। प्रत्येक अमावस्या का अपना विशेष महत्व होता है, लेकिन मौनी अमावस्या को इनमें सबसे खास माना गया है।

इस दिन मौन रहकर व्रत करने की परंपरा है। इसे जप, तप और साधना के लिए सबसे उपयुक्त समय माना गया है। ऐसे में आइए जान लेते है इस साल 2026 मौनी अमावस्या कब मनाई जाएगी और इस दिन मौन व्रत रखने का महत्व क्या है और इसका पालन कैसे किया जाता है।

कब है साल 2026 में मौनी अमावस्या?

आपको बता दें, पंचांग के अनुसार, इस वर्ष, माघ माह की अमावस्या तिथि का प्रारंभ 18 जनवरी 2026 को देर रात 12 बजकर 3 मिनट पर हो रहा है। वहीं अमावस्या तिथि समापन 19 जनवरी 2026 को देर रात 1 बजकर 21 मिनट पर हो रहा है। ऐसे में मौनी अमावस्या 18 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी।

मौनी अमावस्या का क्या है आध्यात्मिक महत्व

सनातन धर्म में, गंगा नदी को सर्वाधिक पवित्र नदी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन गंगा का जल अमृतमय हो जाता है। ऐसे में जो भी साधक इस दिन पर गंगा स्नान करता है, उसके जाने-अनजाने में किए गए पाप नष्ट हो जाते हैं।

कई साधक केवल मौनी अमावस्या पर ही नहीं, पूरे माघ माह में रोजाना गंगा में पवित्र डुबकी लगाने का संकल्प लेते हैं। ऐसे में यह अनुष्ठान पौष पूर्णिमा से शुरू होकर माघ पूर्णिमा तक चलता है। माना जाता है कि इससे साधक को पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।

यह भी पढ़ें:-किसने उड़ाई थी सबसे पहले पतंग,श्रीकृष्ण या श्रीराम? जानिए मकर संक्रांति के दिन क्यों उड़ाते हैं पतंग

शुभ माने जाते हैं मौन व्रत रखना

शास्त्रों में कहा गया है कि, मौनी अमावस्या के दिन ‘मौन व्रत’ करना का बड़ा शुभ एवं फलदायक माना गया है। इस दिन कई साधक पूरे दिन मौन व्रत का पालन करते हैं। ऐसा करने से मन शांत रहता है।

साथ ही इस दिन पर किसी पवित्र नदी विशेषकर गंगा में स्नान करने और दान-पुण्य करना भी विशेष महत्व माना गया है। इस कार्यों को करने से साधक के जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

Mauni amavasya 2026 date importance rituals

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jan 05, 2026 | 03:53 PM

Topics:  

  • Mauni Amavasya
  • Mauni Amavasya Daan
  • Sanatan Hindu religion
  • Sanatana Dharma

सम्बंधित ख़बरें

1

किसने उड़ाई थी सबसे पहले पतंग,श्रीकृष्ण या श्रीराम? जानिए मकर संक्रांति के दिन क्यों उड़ाते हैं पतंग

2

राजस्थान में बना दुनिया का पहला ऊं आकार का मंदिर, आस्था और वास्तुकला का अद्भुत संगम

3

कब है 2026 की पहली एकादशी? जानिए षटतिला एकादशी की तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

4

भगवान श्रीराम की बहन शांता कौन थीं? जानिए क्यों रामायण में उनका उल्लेख नहीं मिलता

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.