17 मार्च को है मासिक शिवरात्रि, नोट कीजिए पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त और व्रत के नियम
Shiv Puja Tips: 17 मार्च को मासिक शिवरात्रि का पावन व्रत रखा जाएगा। इस दिन भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है, इसलिए व्रत के नियम और शुभ मुहूर्त जानकर पूजा करना बेहद फलदायी माना जाता है।
- Written By: सीमा कुमारी
शिवलिंग की पूजा (सौ.सोशल मीडिया)
Masik Shivratri Vrat Rules: शिवभक्तों के लिए जिस प्रकार प्रदोष व्रत का महत्व होता है ठीक उसी प्रकार मासिक शिवरात्रि व्रत का भी। 17 मार्च को साल 2026 की पहली चैत्र मासिक शिवरात्रि मनाई जा रही है। यह व्रत हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन मनाई जाती है। जो आत्मिक शुद्धि, अहंकार के नाश और शिव-शक्ति के मिलन का प्रतीक है।
मासिक शिवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व
शिवपुराण के अनुसार, मासिक शिवरात्रि का महत्व तो महाशिवरात्रि जैसा ही होता है, लेकिन इसकी पूजा विधि बहुत ही सरल एवं आसान होती है।
ऐसे में आइए जानते हैं चैत्र मासिक शिवरात्रि किस दिन मनाई जाएगी और इस दिन व्रत और पूजन कैसे करें तथा इसके प्रमुख नियम क्या हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Vastu Tips: सिरहाने की सही दिशा से बदल सकती है किस्मत, जानिए क्या कहता है वास्तु शास्त्र
Vaishakh Purnima: वैशाख पूर्णिमा पर कर लें ये 5 उपाय, चमक उठेगी सोई हुई किस्मत, मां लक्ष्मी की खूब बरसेगी कृपा
Gautam Buddha: लोग अपनी वैल्यू कैसे पहचानें? गौतम बुद्ध की इस कथा को ध्यान से पढ़ें, जाग जाएंगे आप!
Kurma Jayanti: 1 मई को मनाई जाएगी कूर्म जयंती, जानिए इस पर्व का महत्व, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
मार्च में कब है चैत्र मासिक शिवरात्रि?
पंचांग के अनुसार, साल 2026 की पहली चैत्र मासिक शिवरात्रि 17 मार्च को मनाई जाएगी। चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 17 मार्च की सुबह 9 बजकर 23 मिनट पर होगी और यह तिथि 18 मार्च की सुबह 8 बजकर 25 मिनट तक रहेगी। इस दिन विशेष पूजा का शुभ मुहूर्त देर रात 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक रहेगा।
मासिक शिवरात्रि व्रत कैसे करें?
- इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर, साफ कपड़े पहन लें।
- इसके बाद भगवान शिव का ध्यान करके व्रत का संकल्प लें।
- घर के मंदिर या किसी शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग की पूजा करें।
- पूजा के दौरान शिवलिंग पर जल या गंगाजल से अभिषेक करें।
- इसके साथ भगवान शिव को दूध, दही, शहद, बेलपत्र, धतूरा, भांग और सफेद फूल अर्पित करें।
- पूजा करते समय ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है।
मासिक शिवरात्रि व्रत के मुख्य नियम
-
संकल्प और स्नान
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, साफ कपड़े पहनें और व्रत का संकल्प लें।
-
पूजन विधि
शिवलिंग पर जल, पंचामृत, बेल पत्र, धतूरा, भांग, और सफेद चंदन अर्पित करें। माता पार्वती को श्रृंगार सामग्री चढ़ाएं।
-
दीपक का नियम
चैत्र मासिक शिवरात्रि के दिन 3 स्थानों पर दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है –
1. बेल के पेड़ के नीचे, 2. शिव मंदिर की चौखट पर, 3. आंवले के पेड़ के नीचे।
ये भी पढ़ें-आज प्रदोष काल में करें ये अचूक उपाय, भगवान शिव की कृपा से दूर होगी हर समस्या
क्या खाएं न खाएं
व्रत में केवल फलाहार करें। अनाज, नमक, लहसुन-प्याज का सेवन न करें।
पारण: व्रत का पारण अगले दिन सुबह सूर्योदय के बाद किया जाता है।
सावधानी: व्रत के दौरान मन शांत रखें, किसी से झगड़ा न करें और पूरे नियम का पालन करें।
