नौकरी में प्रमोशन या बिज़नेस में कैसे मिलेगी सफलता? मासिक दुर्गाष्टमी के दिन कर लें बस ये 3 काम

Masik Durgashtami Upay:मासिक दुर्गाष्टमी के दिन देवी दुर्गा की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। इस दिन किए गए छोटे-छोटे उपाय नौकरी में प्रमोशन और बिज़नेस में सफलता दिला सकते हैं।
Durgashtami Rituals For Success
देवी दुर्गा ( AI डिजाइन फोटो)
Published on
Updated on

Durgashtami Rituals For Success : 24 अप्रैल को वैशाख महीने की मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत है। मां दुर्गा की कृपा प्राप्ति के लिए मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत हर महीने में आने वाली शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर रखा जाता है। ज्योतिषयों का कहना है कि, यदि कोई इस दिन मां दुर्गा को ये खास चीजें अर्पित करते हैं, तो इससे मां दुर्गा की विशेष कृपा होती है।

मासिक दुर्गाष्टमी पर मां को चढ़ाएं 3 खास चीजें

  • सफेद कौड़ियां अर्पित करें

ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, मासिक दुर्गाष्टमी के दिन मां दुर्गा को 6 सफेद कौड़ियां लाल कपड़े में बांधकर अर्पित करें। पूजा समाप्त होने के बाद इस पोटली को अपनी तिजोरी में रख लें। इस उपाय को करने से आपको आर्थिक तंगी से छुटकारा मिल सकता है। साथ ही इस उपाय को करने से साधक की मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं।

  • गुड़हल फूल अर्पित करें

मासिक दुर्गाष्टमी (Masik Durgashtami) के दिन मां दुर्गा को 6 सफेद कौड़ियां के अलावा, गुड़हल फूल अर्पित करें। इससे मां दुर्गा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। इसके साथ ही अगर आप विवाह संबंधी बाधाओं का सामना कर रहे हैं, तो दुर्गाष्टमी की पूजा में मां दुर्गा को इलायची का भोग लगाएं और 21 बार इस मंत्र का जप करें -          सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।         शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोऽस्तुते।।

  • कपूर और लौंग का जोड़ा अर्पित करें

मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा में मां दुर्गा को 6 कपूर और लौंग का जोड़ा (2 लौंग) अर्पित करें। साथ ही 'ॐ दुं दुर्गायै नमः' मंत्र का जप करें।

यह उपाय चमत्कारी माना जाता है, जो धन-धान्य, खुशहाली और बाधाओं से मुक्ति दिलाने में सहायक साबित होता है। इन चीजों को पूजा में अर्पित करने से जातक के लिए व्यापार व नौकरी में सफलता के योग भी बनने लगते हैं।

मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा में बरतें ये सावधानियां

मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा व व्रत करने वाले साधक को मांस-मदिरा आदि से दूरी बनानी चाहिए।

व्रत को दौरान किसी का अपमान करने, क्रोध करने व झूठ बोलने से बचें, क्योंकि इससे व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता।ब्रह्मचर्य का पालन करें और यदि संभव हो तो जमीन पर सोएं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com