घर के मंदिर की सफाई कब और कैसे करें? जानें सही दिन, नियम और धार्मिक मान्यताएं
Pooja room cleaning: हिंदू मान्यताओं में कहा गया है कि "जिस स्थान पर भगवान का वास हो, वहां स्वच्छता अपने आप लक्ष्मी को आकर्षित करती है।" यही कारण है कि घर के पूजा स्थल में साफ-सफाई का विशेष महत्व है।
- Written By: सिमरन सिंह
Mandir की सफाई कैसे करें। (सौ. Freepik)
Mandir Cleaning Tips: हिंदू मान्यताओं में कहा गया है कि “जिस स्थान पर भगवान का वास हो, वहां स्वच्छता अपने आप लक्ष्मी को आकर्षित करती है।” यही कारण है कि घर के पूजा स्थल में साफ-सफाई का विशेष महत्व माना जाता है। माना जाता है कि देवी-देवताओं को स्वच्छता अत्यंत प्रिय होती है और गंदगी नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती है। ऐसे में मंदिर को कब और कैसे साफ किया जाए, यह जानना बेहद आवश्यक है।
कब करें मंदिर की सफाई?
हालांकि रोजाना पूजा स्थल की हल्की सफाई करनी चाहिए, लेकिन डीप क्लीनिंग के लिए शनिवार को सबसे शुभ दिन माना गया है। मान्यता है कि शनिवार के दिन मंदिर की गहन सफाई करने से घर से कष्ट और बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही, इस दिन पूजा के बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करने से वातावरण शुद्ध होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। माना जाता है कि इससे मानसिक शांति मिलती है और घर के सदस्यों के जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है।
मंदिर की सफाई से कैसे बढ़ता है आर्थिक लाभ?
धार्मिक परंपराओं में यह भी माना जाता है कि शनिवार के दिन मंदिर साफ करने और गंगाजल का छिड़काव करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। कहा जाता है कि “शनिवार की स्वच्छता लक्ष्मी को घर में स्थायी कर देती है।” यदि आप नौकरी या बिजनेस में तरक्की चाहते हैं, तो शनिवार को मंदिर की सफाई और शुद्धिकरण को अवश्य अपनाएं।
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किस दिन भूलकर भी न करें मंदिर की सफाई
मान्यताओं के अनुसार दो दिनों में मंदिर की सफाई करना अशुभ माना जाता है:
- गुरुवार
- एकादशी
कहा जाता है कि इन दिनों सफाई करने से मां लक्ष्मी नाराज़ हो जाती हैं और घर में धन-संबंधी बाधाएं आने लगती हैं। इसलिए मंदिर की संपूर्ण सफाई के लिए शनिवार का चयन सबसे उपयुक्त है।
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मूर्तियों की सफाई का सही तरीका
घर में विराजमान देवी-देवताओं की मूर्तियों को साफ करते समय इन बातों का ध्यान रखें:
- साफ और शुद्ध कपड़े का ही उपयोग करें।
- मूर्तियों को गंगाजल या शुद्ध जल से ही स्नान कराएं।
- किसी भी रासायनिक पदार्थ या गंदे कपड़े का उपयोग न करें।
