मकर संक्रांति पर बन रहा ‘शिववास योग’ क्यों है ख़ास? जानिए इस विशेष संयोग में पूजा की महिमा
Shivvas Yog on Makar Sankranti:मकर संक्रांति 2026 पर बन रहा शिववास योग बेहद शुभ माना जाता है। इस विशेष योग में भगवान शिव की पूजा करने से आध्यात्मिक लाभ, समृद्धि और मनोकामना की पूर्ति होती है।
- Written By: सीमा कुमारी
मकर संक्रांति पर शिववास योग (सौ.सोशल मीडिया)
Makar Sankranti Daan: हर साल की तरह इस बार भी मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का पर्व अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन सूर्य देव दक्षिणायन की अपनी यात्रा समाप्त कर उत्तरायण में प्रवेश करते हैं। उत्तरायण को देवताओं का दिन भी कहा जाता है। मकर संक्रांति पर दान-पुण्य करने का भी महत्व होता है।
ज्योतिष गुरु के अनुसार, इस वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर शुभ योग का निर्माण हो रहा है। आप इस शुभ योग में खास उपाय को करके पितृ दोष से मुक्ति पा सकते हैं। ज्योतिषयों का मानना है कि, भगवान शिव की पूजा के लिए खास योग बन रहा है। इस योग में पूजा और उपाय को करने से पितृ दोष से मुक्ति मिल सकती है।
मकर संक्रांति पर बन रहा है शिववास योग का दुर्लभ संयोग
ज्योतिष गुरु के मुताबिक, इस वर्ष 2026 में मकर संक्रांति के अवसर पर शिववास योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। अगर कोई जातक इस शुभ मुहूर्त में भगवान शिव का पूजा यानी अभिषेक करता है तो उसे भगवान शिव की कृपा से पितृ दोष से मुक्ति मिल सकती है।
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इसके अलावा, मकर संक्रांति का दिन गंगा स्नान और दान के लिए भी बड़ा शुभ माना जाता है। शास्त्रों में बताया गया है कि, इस दिन गंगा स्नान करने से अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है।
क्या रहेगा शिववास का शुभ संयोग का शुभ समय
ज्योतिष गणना के अनुसार, इस साल 2026 मकर संक्रांति पर शिववास योग का दुर्लभ संयोग सुबह 10 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। आप इस समय भगवान शिव का अभिषेक कर सकते हैं।
इस शुभ संयोग के दौरान भगवान शिव कैलाश पर विराजमान होते हैं। आप मकर संक्रांति पर इस शुभ योग के समय भगवान शिव की पूजा करें और अभिषेक करें।
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मकर संक्रांति पर भगवान शिव का अभिषेक कैसे करें
मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर शिववास योग के दौरान भगवान शिव का अभिषेक करें। ऐसी मान्यता है कि, इस दौरान भगवान शिव का अभिषेक करने से भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। आप पितृ दोष से मुक्ति के लिए मकर संक्रांति पर शिववास योग में गंगाजल में काले तिल मिलाकर अभिषेक करें। इस उपाय को करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलेगी।
