
माघ पूर्णिमा (सौ.सोशल मीडिया)
Magh Purnima 2026: इस साल 1 फरवरी 2026 को माघ पूर्णिमा मनाई जाएगी। सनातन धर्म में माघ महीने की पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। इस दिन गंगा, यमुना जैसी पवित्र नदियों के घाट पर भारी संख्या में भक्त पहुंचते हैं और और पवित्र नदियों में डुबकी लगाते हैं।
ज्योतिषयों का मानना है कि, इस दिन यदि पूजा-अर्चना के साथ ज्योतिषीय उपाय किए जाए तो पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। इससे जीवन में चल रही आर्थिक, करियर और ग्रह दोष समेत अन्य समस्याओं से राहत मिलती है। ऐसे में आइए जानते हैं माघ पूर्णिमा के दिन किन-किन उपायों को करना शुभ माना जाता है।
ज्योतिषयों के अनुसार, माघ पूर्णिमा की रात माता लक्ष्मी को 11 पीली कौड़ियाँ अर्पित करें। यदि आपके पास पीली कौड़ियाँ नहीं हैं, तो सफेद कौड़ियों पर हल्दी लगाकर उपयोग कर सकते हैं। पूजा के अगले दिन इन्हें एक लाल कपड़े में बाँधकर अपनी तिजोरी में रख दें। ऐसी मान्यता है कि घर में कभी धन की कमी नहीं होती हैं।
ऐसा माना जाता है कि पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है। माघ पूर्णिमा के शुभ दिन पर एक लोटे में जल भरकर उसमें थोड़ा दूध और गुड़ मिलाकर पीपल की जड़ में अर्पित करें और घी का दीपक जलाए। ऐसा कहा जाता है कि इससे पितृ दोष शांत होता है और मानसिक शांति मिलती है।
आर्थिक तंगी से लेकर शनि दोष से राहत के लिए माघ पूर्णिमा के दिन तिल और गुड़ का दान करना चाहिए। इसके अलावा, कुंडली में चंद्रमा को मजबूत करने के लिए दूध, चावल या चीनी का दान लाभदायक होता है।
माघ पूर्णिमा के शुभ तिथि पर शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाए और 11 परिक्रमा करें। कहा जाता है कि यह उपाय घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मकता लाता है।
साल 2026 में माघ पूर्णिमा 1 फरवरी, रविवार को मनाई जाएगी। रविवार का दिन होने और सूर्य के उत्तरायण होने से इस दिन का महत्व कई गुना बढ़ गया है।
यह भी पढ़ें-महाशिवरात्रि 2026 पर कन्या समेत इन 3 राशियों पर बरसेगी महादेव की कृपा, बनने लगेंगे सफलता के शुभ योग
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 1 फरवरी 2026, सुबह 05:52 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 2 फरवरी 2026, सुबह 03:38 बजे
ब्रह्म मुहूर्त (स्नान के लिए): सुबह 05:24 से 06:33 बजे तक
क्या रहने वाला है चंद्रोदय का समय: शाम 05:26 बजे
विशेष संयोग: इस दिन रवि पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और मकर राशि में चतुर्ग्रही योग (सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र) बन रहा है।






