
रथ यात्रा के दौरान इन स्थानों पर जलाएं दीपक (सौ.सोशल मीडिया)
27 जून से नौ दिवसीय भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा की शुरुआत हो चुकी है। और 9 दिनों तक चलेगी और इसका समापन 5 जुलाई 2025 को होगा। हर साल पवित्र शहर पुरी में आयोजित होने वाला रथ यात्रा या रथ उत्सव, भाई-बहनों के श्रीमंदिर से अपनी मौसी के घर गुंडिचा मंदिर तक के वार्षिक नौ दिवसीय प्रवास का प्रतीक है।
आपको बता दें, इस उत्सव को जो बात अद्वितीय बनाती है, वह यह है कि यह देवताओं को मंदिर से बाहर लोगों के बीच लाता है, जिससे जाति, पंथ या धर्म से परे हर भक्त उत्सव का हिस्सा बनता है।
ज्योतिषयों के अनुसार, कुछ भक्त इस धार्मिक अनुष्ठान का हिस्सा नहीं बन पाए हैं, वो घर पर ही छोटे-छोटे उपाय करके अपनी किस्मत चमका सकते हैं, तो आइए इस खबर में दीपक से जुड़े कुछ उपाय जानते हैं, जो इस प्रकार हैं।
रथ यात्रा के दौरान घर के मुख्य प्रवेश द्वार के दोनों ओर दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती और देवी लक्ष्मी का वास होता है। यह समृद्धि और शुभता का प्रतीक भी माना जाता है। ऐसे में ये दीपक जरूर जलाएं।
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जैसा कि आप जानते है कि, पूजा घर का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जरूर जलाएं। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार में शांति व समृद्धि बनी रहती है।
कहते हैं कि यह घर का ऊर्जा केंद्र होता है, और यहां दीपक जलाने से सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद घर पर बना रहता है।
रथ यात्रा के दौरान घर के तुलसी चौरा पर दीपक जरूर जलाएं। अगर आपके घर में तुलसी का पौधा है, तो शाम के समय तुलसी के पौधे के पास एक दीपक जरूर जलाएं। तुलसी को देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है, और रथ यात्रा के दौरान उनके सामने दीपक जलाने से घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती है। साथ ही घर में स्थायी लक्ष्मी का वास होता है।
रसोई घर को मां अन्नपूर्णा का स्थान माना जाता है। यहां दीपक जलाने से घर में अन्न और धन की कभी कमी नहीं होती है। इसके साथ ही घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।






