मां लक्ष्मी (सौ.सोशल मीडिया)
Lakshmi Panchami Importance: आज 23 मार्च को नवरात्र के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा के साथ ही लक्ष्मी पंचमी का बेहद शुभ संयोग बन रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को लक्ष्मी पंचमी मनाई जाती है।
धर्म शास्त्रों के अनुसार, इस दिन धन, ऐश्वर्य की देवी मां लक्ष्मी सबसे प्रसन्न मुद्रा में होती हैं। अगर आप कर्ज से परेशान हैं या मेहनत के बाद भी पैसा हाथ में नहीं टिकता, तो लक्ष्मी पंचमी का व्रत जरूर रखें। आइए इस दिन से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं, जो इस प्रकार हैं –
पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत रविवार रात को 09 बजकर 16 मिनट पर हो रही है। वही इस तिथि का समापन सोमवार 23 मार्च को शाम को 6 बजकर 38 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि के आधार पर आज पंचमी तिथि का व्रत और पूजन किया जाएगा।
हिंदू धर्म में लक्ष्मी पंचमी बड़ा महत्व रखता है। लक्ष्मी पंचमी को ‘श्री पंचमी’ या ‘कल्पदि पंचमी’ भी कहा जाता है। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार, इस दिन व्रत रखने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इसके साथ ही घर की दरिद्रता दूर होती है।
आर्थिक समृद्धि: माना जाता है कि इस दिन मां लक्ष्मी सबसे प्रसन्न मुद्रा में होती हैं। पूजा करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है और पैसों की कमी दूर होती है।
कर्ज से मुक्ति: जो लोग कर्ज से परेशान हैं या मेहनत के बाद भी पैसा नहीं टिकता, उनके लिए यह व्रत बहुत फलदायी माना जाता है।
सौभाग्य और सुख: यह व्रत सुख, सौभाग्य और पारिवारिक शांति लाता है। मान्यता है कि इससे वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है।
चैत्र नवरात्रि से संबंध: यह चैत्र नवरात्रि के दौरान आती है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है, यह दिन स्कंदमाता की पूजा के साथ-साथ मां लक्ष्मी को समर्पित है।
व्यापार में लाभ: व्यापारी वर्ग के लिए यह दिन नए बहीखाते खोलने या कार्यस्थल पर पूजा के लिए विशेष है, जिससे व्यवसाय में तरक्की होती है।
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