मां कंकाली मंदिर के दर्शन (सौ.सोशल मीडिया)
Shardiya Navratri 2024: आज 3 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो गई है तो वहीं पर माता दुर्गा के मंदिरों में भक्तों की भीड़ पहले दिन दर्शन के लिए उमड़ रही है। देशभऱ में वैसे तो कई बड़े औऱ प्राचीन मंदिर माता दुर्गा के स्वरूपों के लिए प्रचलित हैं वहीं पर नवरात्रि में इन मंदिरों में खासा उत्साह नजर आता है। नवरात्रि के दौरान माता के मंदिरों के दर्शन करना बेहद जरूरी होता है आज हम आपको मध्यप्रदेश के मां कंकाली मंदिर के बारे में बताएंगें जहां दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते है। इस मंदिर में भव्य दर्शन करने के लिए मिलते हैं तो यहां पर एक विचित्र रहस्य छुपा हुआ है जिसके बारे में आपको कम ही जानकारी होगी, चलिए जानते है..
मध्यप्रदेश में यह मंदिर राजधानी भोपाल से 22 किलोमीटर दूर रायसेन जिले के भोजपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गुदावल गांव में स्थित है। यह मंदिर 400 साल पुराना भव्य मंदिर है जहां पर कई चमत्कार देखने के लिए मिलते हैं, कहा जाता है कि,लगभग 18वीं शताब्दी के दौरान स्थानीय निवासी हर लाल मेडा को माता का स्वप्न आया था जिसमे उसे खुदाई कर मूर्ति निकालने का आदेश दिया। आदेश को मानते हुए उस जगह जब खुदाई की गयी तो मां कंकाली की मूर्ति बाहर निकली जिसे वहीँ पर स्थापित किया गया। यहां पर माता की प्रतिमा को बदला नहीं गया है अब तक ऐसी ही बनी हुई है।
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यहां पर माता कंकाली मंदिर के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं तो नवरात्रि के दिनों में यहां पर अलग नजारा औऱ रहस्य देखने के लिए मिलते है। मंदिर में विराजमान मां कंकाली की प्रतिमा की गर्दन 45 डिग्री झुकी हुई है। ऐसा मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि, शारदीय नवरात्रि की सप्तमी और अष्टमी के दौरान कुछ पलों के लिए मां की गर्दन सीधी होती है।
मां कंकाली मंदिर (सौ.सोशल मीडिया)
ऐसे में अगर किसी ने भी मां कंकाली के दर्शन कर लिए तो उसके जीवन के सारे दुःख और परेशानियों हमेशा के लिए खत्म हो जाती है। सामान्य दिनों में माता कंकाली मंदिर में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते ही है लेकिन नवरात्र के दौरान भक्तों की अच्छी भीड़ देखने के लिए मिलती है तो वहीं पर सभी भक्तों को आस रहती है कि सीधी गर्दन के साथ माता के दर्शन हो जाए।