यहां जानिए संतोषी माता के व्रत की पूरी विधि, विधिवत पूजा से तुरंत प्रसन्न होंगी माता

Santoshi Maata Vrat: कहा जाता है कि, शुक्रवार के दिन सच्ची श्रद्धा से माता संतोषी की पूजा-अर्चना और व्रत आदि करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। यहां जानिए माता संतोषी व्रत से जुड़ी नियम
यहां जानिए संतोषी माता के व्रत की पूरी विधि, विधिवत पूजा से तुरंत प्रसन्न होंगी माता
कैसे करें मां संतोषी की पूजा (सौ.सोशल मीडिया)
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Santoshi Mata Vrat Kaise Kare: सनातन हिन्दू परंपरा में शुक्रवार का दिन माता संतोषी की पूजा एवं व्रत के लिए समर्पित होता है। हिंदू मान्यता के अनुसार, कहा जाता है कि इस दिन निश्चल एवं सहृदय मन से मां की पूजा करने से जीवन में खुशहाली आती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

हिंदू धर्म में मान्यता है कि मां संतोषी की पूजा और व्रत को करने से देवी की असीम कृपा प्राप्त होती है और माता के आशीर्वाद से उसकी सारी परेशानियां शीघ्र ही दूर हो जाती है। कहते हैं, माता संतोषी के आशीर्वाद से उसे जीवन में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती है। आइए सभी संकटों से उबारकर सुख-सौभाग्य का वरदान देने वाली संतोषी माता के व्रत की पूरी विधि और नियम आदि के बारे में विस्तार से जानते हैं-

कैसे करें मां संतोषी की पूजा

  • शुक्रवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे कपड़े पहनें।
  • घर के मंदिर को अच्छे से साफ करें और गंगाजल का छिड़काव करें।
  • अब एक लकड़ी की चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं।
  • फिर उस पर मां संतोषी की मूर्ति या फोटो रखें।
  • मूर्ति को फूलों की माला पहनाएं और सिंदूर, हल्दी, अक्षत (चावल) चढ़ाएं।
  • इसके बाद कलश की स्थापना करें और उसमें जल भरकर आम के पत्ते लगाएं।
  • पूजा के लिए घी का दीपक जलाएं और अगरबत्ती लगाएं।
  • भोग में भुने हुए चने, गुड़ और केला रखें।
  • एक बात का विशेष ध्यान रहे, इस दिन खट्टी चीजों से परहेज करें।
  • पूजा पूरी श्रद्धा और मन से करें। पूजा के बाद माता की आरती करें और उनकी कथा पढ़ें या सुनें।
  • अंत में सभी को प्रसाद बांटें और पूरे घर में कलश के जल का छिड़काव करें।

ऐसे रखें संतोषी माता का व्रत

ज्योतिषयों के अनुसार, जो लोग व्रत रखते हैं, उन्हें सूर्योदय से पहले उठकर केवल एक बार भोजन करना होता है। माता संतोषी व्रत में नमक और खट्टी चीजें नहीं खाई जातीं है। व्रत करने वाला व्यक्ति दिनभर मां संतोषी के नाम का जाप करता है और शाम को पूजा करके व्रत खोलता है। इस व्रत को 16 शुक्रवार तक रखने का विधान है या जब तक कोई मनोकामना पूरी न हो जाए।

संतोषी माता व्रत से मिलता है मनोवांछित फल

सनातन धर्म में संतोषी माता व्रत को फलदाई माना गया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सच्चे मन से संतोषी माता का व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यह व्रत करने से घर में सुख और समृद्धि आती है। शास्त्रों में बताया गया है कि, इस व्रत को करने से अविवाहित लड़कियों को सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है।

यह व्रत जीवन से सभी कष्ट और दुख दूर करता है। व्रत के प्रभाव से धन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं और कारोबार में लाभ मिलता है। छात्र-छात्राओं को परीक्षा में सफलता मिलती है।

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