पौष माह में कर लें बस ये पांच उपाय, फिर देखिए कैसे करवट लेगी किस्मत
Paush Maas Upay:पौष में सूर्य की गति मन्द पड़ने से खरमास भी लगता है। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करने की मनाही होती है। हालांकि इस दौरान कुछ विशेष उपाय करके आप सूर्यदेव की कृपा प्राप्त कर सकते है।
- Written By: सीमा कुमारी
पौष मास में करें ये उपाय (सौ.सोशल मीडिया)
Paush Month Significance: हिंदू पंचांग का दसवां महीना पौष माह की शुरुआत कल 5 दिसंबर 2025 से हो जा रही है। पौष महीने में सूर्य देव की पूजा को विशेष महत्व होता है। इसके अलावा, पितरों की शांति के लिए इस महीने में पिंडदान और श्राद्ध कर्म करना शुभ माना जाता है।
पौष में सूर्य की गति मन्द पड़ने से खरमास भी लगता है। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करने की मनाही होती है। हालांकि, इस दौरान कुछ विशेष उपाय करके आप सूर्यदेव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। जानिए इन विशेष उपायों के बारे में-
पौष मास में करें ये उपाय:
सूर्यदेव की पूजा करें
ज्योतिषयों के अनुसार, पौष मास में प्रतिदिन स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य देना शुभ माना गया है। जल में लाल पुष्प, लाल चंदन और अक्षत डालकर सूर्यदेव को अर्पित करें और किसी भी सूर्य मंत्र का जप करें। ऐसा माना जाता है कि इससे कार्य-सिद्धि, मान-सम्मान और पद में वृद्धि होती है।
सम्बंधित ख़बरें
Ashadh Maas 2026 : कब से शुरू हो रहा है आषाढ़ माह, जानिए इस महीने क्या करें क्या नही
Chanakya Niti : जीवन में कामयाबी पाने के 5 मंत्र, जो बोल गए आचार्य चाणक्य, आज़मा कर देख लीजिए
Chaturmas 2026: कब शुरू हो रहा है चातुर्मास 2026? यहां जानिए सही तिथि और सभी मांगलिक कार्यों की मनाही की वजह
Shani Dev Upay: शनिदोष से छुटकारा के लिए करें ये महाउपाय, शनिदेव करें कृपा, अड़चनें होंगी दूर
गरम वस्त्रों का दान करें
पौष मास में ठंड अधिक पड़ती है। इस मौसम में जरूरतमंदों को गर्म कपड़े, कंबल, गुड़ आदि दान करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं। ऐसा करने से सुख-शांति बढ़ती है और सूर्यदेव की कृपा प्राप्त होती है।
खिचड़ी का भोग
इस माह सूर्यदेव को तिल और चावल से बनी खिचड़ी का भोग लगाना शुभ माना गया है। साथ ही लाल या पीले रंग के वस्त्र धारण करना भी उत्तम है, क्योंकि इन्हें सूर्य का प्रिय रंग माना जाता है। इससे भाग्य बलवान होने का विश्वास है।
पौष के महीने अपनी राशि अनुसार करें इन वस्तुओं का दान, पलट जाएगी किस्मत!
रविवार व्रत और नमक का त्याग
पौष मास के हर रविवार व्रत रखकर सूर्यदेव की आराधना करें। व्रत के दौरान नमक का सेवन न करें और मिठाई या मीठा भोजन ग्रहण करें। इससे सूर्य का प्रभाव कुंडली में मजबूत होता है और सौभाग्य बढ़ता है।
नया कार्य की शुरुआत करें
पौष और खरमास के समय कोई भी मांगलिक कार्य या नया शुभ आरंभ नहीं किया जाता। इसलिए नए कार्य को अगले माह तक स्थगित करना ही उचित माना गया है।
