2026 की ‘जया एकादशी’ की तिथि को लेकर कंफ्यूज़न! जानिए सबसे सटीक तिथि और पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त
Jaya Ekadashi significance: साल 2026 की जया एकादशी की सही तिथि और शुभ मुहूर्त जानने में कन्फ्यूज़न? इस लेख में जया एकादशी 2026 की सटीक तारीख, पूजा का शुभ समय और व्रत नियम सरल भाषा में दिए गए हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
विष्णु भगवान (सौ.सोशल मीडिया)
Jaya Ekadashi Date 2026: जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित एकादशी व्रत हर माह में कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर रखा जाता है। यह दिन सनातन धर्म में विशेष रखता है। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार, एकादशी के दिन विधि-विधान से पूजा और व्रत किया जाता है। अभी माघ माह चल रहा है। और इसी माह में पड़ने वाली जया एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
इस वर्ष जया एकादशी का व्रत 29 जनवरी को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सच्चे मन से व्रत रखने और विष्णु भगवान की विधि-विधान से पूजा करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। आइए जानते है इस साल जया एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा और जानिए डेट शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
कब है साल 2026 में जया एकादशी
ज्योतिष गणना के अनुसार, पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 28 जनवरी को शाम 04 बजकर 34 मिनट से होगी। वहीं इस तिथि का समापन 29 जनवरी को रात 01 बजकर 56 मिनट पर होगा।
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उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए, इस वर्ष जया एकादशी का व्रत 29 जनवरी 2026 को रखा जाएगा।
जया एकादशी 2026 पूजा शुभ मुहूर्त
जया एकादशी के दिन इंद्र, रवि, भद्रावास और शिववास योग जैसे दुर्लभ संयोग बन रहे हैं, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है। पंचांग के अनुसार पूजा के लिए निम्नलिखित समय शुभ माने गए हैं—
सुबह 07:11 बजे से 08:32 बजे तक
सुबह 11:14 बजे से दोपहर 01:55 बजे तक
इन शुभ मुहूर्तों में भगवान विष्णु की पूजा करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
कैसे करें जया एकादशी पर पूजा
- जया एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
- फिर मंदिर में पूजा के लिए एक चौकी रखें और उस पर भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर रखें।
- इसके बाद घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु को अर्घ्य दें।
- भगवान विष्णु को गंगाजल से स्नान कराएं।
- भगवान विष्णु का चंदन, रोली, सिंदूर आदि से श्रृंगार करें और फूल अर्पित करें।
- भगवान विष्णु को तुलसी के पत्ते मुख्य रूप से चढ़ाएं।
- फिर धूप और दीपक से उनकी आरती करें और प्रार्थना करें।
- ॐ नमो नारायणाय मंत्र का जाप करें।
- भगवान विष्णु को फल, दूध, दही आदि का भोग लगाएं।
- पूजा के अंत में आरती करें।
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जया एकादशी व्रत का आध्यात्मिक महत्व
सनातन धर्म में जया एकादशी का व्रत अत्यधिक पुण्यकारी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से सारे पाप मिट जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह व्रत व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लाने के लिए किया जाता है।
