Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • मंगल, 4 अगस्त 2026
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • ई-पेपर
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

दिवाली पर पुराने दीपक जलाएं या नहीं, सम या विषम संख्या में और कितने दीए जलाना है शुभ, जानिए

Deepak ke niyam:दिवाली दीपों का त्योहार नहीं है बल्कि यह अंधकार पर प्रकाश की जीत और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने का प्रतीक भी है। सही समय और विधि से दीपक जलाना घर में सुख, समृद्धि और शांति लाता है।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Oct 15, 2025 | 03:06 PM

दीपक जलाने के महत्वपूर्ण नियम (सौ.सोशल मीडिया)

Follow Us
Follow Us:

Diwali deepak ke niyam: 20 अक्टूबर 2025, सोमवार को प्रकाश, समृद्धि और शुभ ऊर्जा का प्रतीक दिवाली का महापर्व पूरे देशभर में मनाया जाएगा। रोशनी के इस त्योहार का इंतजार हर किसी को बेसब्री से रहता है। खासतौर पर, हिन्दू समुदायों को। इस त्योहार का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व होता है। इस दिन घर-आंगन में दीप जलाने का विशेष महत्व होता है, क्योंकि दीपक न केवल अंधकार को मिटाते हैं, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और लक्ष्मी कृपा का भी प्रतीक माने जाते हैं।

लेकिन, कई बार लोगों के मन में यह सवाल होता है कि क्या दिवाली पर पिछले साल के या पूजा में इस्तेमाल हुए पुराने मिट्टी के दीये को दोबारा जलाना शुभ होता है या नहीं? ऐसे में आइए जानते हैं इस विषय पर क्या कहते हैं नियम और क्या है दीप प्रज्वलन का सही तरीका भी।

दिवाली पर पुराने दीपक दोबारा जलाना शुभ होता है या नहीं:

सामान्य पूजा के लिए

वास्तु एवं ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, मिट्टी के दीये को आमतौर पर एक बार ही प्रयोग में लाना शुभ माना जाता है। मिट्टी के पात्रों को एक बार पूजा में इस्तेमाल करने के बाद दोबारा प्रयोग शुभ नहीं होता है।

सम्बंधित ख़बरें

Sankashti Chaturthi Vrat: गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए करें इन मंत्रों का जाप, जानें पूजा विधि और रोचक कथा

Gajanan Sankashti Chaturthi 2026: आर्थिक तंगी से लेकर हर परेशानी का मिलेगा समाधान, बस करें ये आसान उपाय

सावन की गजानन संकष्टी चतुर्थी पर बन रहा दुर्लभ सर्वार्थ सिद्धि योग! नोट करें तारीख, पूजा मुहूर्त

California Diwali Holiday: कैलिफोर्निया कोर्ट का फैसला! नहीं मिलेगी दिवाली की सरकारी छुट्टी, कानून हुआ निरस्त

दिवाली की पूजा

कहते है किसी भी पूजा पाठ में इस्तेमाल हुई मिट्टी के दीयों को दोबारा प्रयोग करना अशुभ माना जाता है। अगर बात दीपोत्सव का महापर्व दिवाली की करें तो भूल कर भी इस प्रकार के दीयों को दोबारा प्रयोग करना अशुभ हो सकता है। इसलिए ऐसी गलती भूल कर भी न करें।

यम दीपक

धनतेरस या नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली की रात को यमदेव के लिए जलाया जाने वाला पुराना दीपक सरसों के तेल के साथ जलाया जा सकता है।यह यमराज को समर्पित होता है और परिवार की अकाल मृत्यु से रक्षा के लिए जलाया जाता है। इसलिए यहां आप मिट्टी के पुराने दीयों का इस्तेमाल कर सकते है।

खंडित या टूटी फूटी दीपक न जलाएं

दिवाली हो या कोई भी पूजा, टूटा हुआ (खंडित) दीपक जलाना अत्यंत अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि खंडित दीपक जलाने से धन की हानि होती है और नकारात्मकता आती है। इसलिए ऐसी गलती करने से बचना चाहिए।

दीपक जलाने के महत्वपूर्ण नियम

दिशा का रखें ध्यान

दीपक को हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके जलाना शुभ माना जाता है। घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाते समय उसकी लौ अंदर की ओर होनी चाहिए। यम दीपक धनतेरस/छोटी दिवाली को हमेशा दक्षिण दिशा में जलाना चाहिए।

संख्या का रखें ध्यान

दिवाली पर दीपक की संख्या विषम में होनी चाहिए, जैसे 5, 7, 9, 11, 21, 51 या 108। आप अपनी इच्छा अनुसार कितने भी दीपक जला सकते हैं, लेकिन विषम संख्या शुभ मानी जाती है।

पहला दीपक

पूजा शुरू करते समय सबसे पहला दीपक मंदिर में जलाना चाहिए। घी का दीपक सरसों के तेल के दीपक से अधिक शुभ माना जाता है।

स्थान घर के मुख्य द्वार, लिविंग रूम, रसोई के आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व), तुलसी के पौधे के पास, पीपल के पेड़ के नीचे और छत/बालकनी पर दीपक अवश्य जलाएं।

एक से दूसरा दीपक न जलाएं

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एक दीपक से दूसरे दीपक को कभी नहीं जलाना चाहिए। इसे अशुभ माना जाता है। दीपक को अलग-अलग करके जलाना चाहिए।

ये भी पढ़ें- चार्तुमास खत्म होते ही ‘इस’ दिन से विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू, 1 नवंबर से 2026 मार्च तक

दीप को बुझाना नहीं

पूजा के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखें कि दीपक किसी भी तरह से बुझे नहीं। दीपक को हाथ से या फूंक मारकर नहीं बुझाना चाहिए। इसे माता लक्ष्मी का अनादर माना जाता है।

Is it auspicious to relight old lamps on diwali or not

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Oct 15, 2025 | 03:06 PM

Topics:  

  • Bhai Dooj
  • Dhanteras
  • Diwali
  • Goddess Lakshmi
  • Lord Ganesha

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.