भारत का सबसे अमीर मंदिर: जहां भगवान को चढ़ता है अरबों का चढ़ावा और सरकार को जाता है टैक्स
India Richest Temple: यहां मंदिर सिर्फ पूजा-पाठ की जगह नहीं, बल्कि आर्थिक ताकत के भी बड़े केंद्र हैं। देश में कई ऐसे मंदिर हैं, जिनकी संपत्ति और कमाई किसी बड़ी कंपनी से कम नहीं।
- Written By: सिमरन सिंह
Tirupati Balaji Temple (Source. Pinterest)
Bharat Ka Sabse Ameer Mandir: भारत को यूं ही आस्था की भूमि नहीं कहा जाता। यहां मंदिर सिर्फ पूजा-पाठ की जगह नहीं, बल्कि आर्थिक ताकत के भी बड़े केंद्र हैं। देश में कई ऐसे मंदिर हैं, जिनकी संपत्ति और कमाई किसी बड़ी कंपनी से कम नहीं। इन्हीं में सबसे ऊपर नाम आता है तिरुमाला तिरुपति बालाजी मंदिर का, जिसे भारत ही नहीं, दुनिया के सबसे अमीर धार्मिक स्थलों में गिना जाता है।
भारत का सबसे अमीर मंदिर कौन सा है?
अगर सवाल हो कि भारत का सबसे अमीर मंदिर कौन सा है, तो जवाब साफ है तिरुपति बालाजी मंदिर। आंध्र प्रदेश में स्थित यह मंदिर हर साल करोड़ों-करोड़ रुपये की कमाई करता है। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ट्रस्ट न सिर्फ इस मंदिर का, बल्कि देशभर में फैले कई अन्य मंदिरों का भी संचालन करता है।
कितनी है मंदिर की कुल संपत्ति?
तिरुपति मंदिर के पास 7,636 एकड़ जमीन है और इसके अलावा 307 विवाह स्थल भी ट्रस्ट के अंतर्गत आते हैं। यही नहीं, TTD पूरे देश में 71 मंदिरों का प्रबंधन करता है। इतनी विशाल संपत्ति इसे धार्मिक संस्थाओं में सबसे ऊपर खड़ा करती है।
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कहां-कहां से होती है इतनी कमाई?
मंदिर की कमाई सिर्फ चढ़ावे तक सीमित नहीं है। इसे प्रसाद, दर्शन टिकट, भक्तों द्वारा मुंडवाए गए बालों की बिक्री और अपनी संपत्तियों से मिलने वाले ब्याज से भारी आमदनी होती है। इन सभी स्रोतों से हर साल अरबों रुपये जुटाए जाते हैं।
प्रसाद और टिकट से ही करोड़ों की कमाई
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तिरुपति मंदिर को हर साल करीब 600 करोड़ रुपये सिर्फ प्रसाद से मिलते हैं, जबकि दर्शन टिकटों से 338 करोड़ रुपये की कमाई होती है। यही वजह है कि इसे भारत का सबसे ज्यादा कमाई करने वाला धार्मिक स्थल माना जाता है।
चढ़ावे में भी टूटते हैं रिकॉर्ड
भक्तों की आस्था का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हर साल मंदिर में करोड़ों रुपये का चढ़ावा चढ़ता है। अनुमान है कि 2025 में मंदिर को 1,611 करोड़ रुपये का चढ़ावा मिल सकता है।
मंदिर के पास कितना सोना है?
तिरुपति मंदिर ट्रस्ट के पास करीब 11,329 किलो सोना है। मौजूदा कीमतों के हिसाब से इसकी वैल्यू 8,496 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जाती है। यही कारण है कि यह मंदिर दुनिया के सबसे अमीर धार्मिक स्थलों में शामिल है।
भगवान भी भरते हैं टैक्स
बहुत कम लोग जानते हैं कि मंदिर अपनी व्यावसायिक गतिविधियों पर टैक्स भी देता है। वित्त वर्ष 2017 में 14.7 करोड़, 2022 में 15.58 करोड़, 2023 में 32.15 करोड़ और 2024 में 32.95 करोड़ रुपये GST के रूप में जमा किए गए।
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आस्था के साथ रोजगार का बड़ा सहारा
तिरुपति मंदिर से हजारों लोगों को रोजगार मिलता है। यह न सिर्फ आस्था का केंद्र है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी माना जाता है।
मंदिरों की संपत्ति पर जारी बहस
मंदिरों की कमाई और टैक्स को लेकर राजनीति भी गर्म रहती है। कुछ लोगों का मानना है कि सरकार को मंदिरों की संपत्ति पर नियंत्रण नहीं रखना चाहिए, जबकि कुछ पारदर्शिता के लिए सरकारी निगरानी को जरूरी बताते हैं।
