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नवरात्रि में जलाना हो अखंड ज्योत, तो इससे जुड़े नियम जान लें, तभी मिलेगी माता की कृपा

Akhand Deep: नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की विशेष कृपा पाने के लिए अधिकांश घरों और मंदिरों में मां दुर्गा के समक्ष अखंड ज्योति जलाई जाती है। जानिए अखंड दीप जलाने की विधि और नियम।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Sep 19, 2025 | 08:31 PM

ये है अखंड ज्‍योति के नियम (सौ.सोशल मीडिया)

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Shardiya Navratri Akhand Jyoti: देवी शक्ति की उपासना का महापर्व ‘शारदीय नवरात्रि’ इस बार 22 सितंबर से शुरू होकर 2 अक्टूबर को समाप्त होंगे। यानि, इस बार मां दुर्गा अपने भक्तों पर 9 नहीं बल्कि 10 दिनों तक कृपा बरसाएंगी। हिंदू धर्म में नौ दिनों का यह त्योहार देवी के भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।

हिन्दू धर्म में कोई भी पाठ-पूजा तब तक पूरी नहीं होती है, जब तक पूजा के दौरान अखंड ज्योति प्रज्वलित न की जाए। आप लोगों ने देखा होगा कि पाठ-पूजा के दौरान दीप अवश्य प्रज्वलित किया जाता है, क्योंकि बिना दीपक के पूजा अधूरी मानी जाती है।

क्या आपको पता है कि अंखड ज्योति जलाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी होता है। अखंड ज्योति वो होती है, जो कि खंडित न हो। मतलब अगर किसी व्यक्ति ने पूजा स्थान में कुछ संकल्प के लिए अखंड ज्योति जलाई है, तो वो तब तक जलनी चाहिए, जब तक संकल्प पूरा न हो। अखंड ज्योति जलाने के कुछ नियम भी हैं, जिनका पालन करना बहुत जरूरी होता है। ऐसे में आइए जानते हैं अखंड ज्योति जलाने के नियम।

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नवरात्र के दौरान अखंड ज्योत जलाने का मुख्य उद्देश्य मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त करना, घर में सुख-शांति और समृद्धि लाना, पितरों का आशीर्वाद पाना और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करना है।

यह अखंड दीपक नवरात्रि की प्रतिपदा से दशमी तक लगातार जलाया जाता है और माना जाता है कि इससे भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं तथा सभी अटके हुए काम सिद्ध होते है।

ये है अखंड ज्‍योति के नियम-

आपको बता दें, अखंड ज्योत के दीपक के नीचे हमेशा पहले जौ, चावल या गेहूं की ढेरी बनाकर उसके ऊपर दीपक को रखना चाहिए।

घी से जलाई गई अखंड ज्योत को दाएं और तेल से जलाई गई अखंड ज्योत को बाएं तरफ रखना चाहिए।

अखंड ज्योत पूरे नौ दिन तक जलती रहनी चाहिए।

इसके लिए इसमें समय-समय पर तेल या घी डालते रहना चाहिए।

जानिए क्या है अखंड ज्योत की बाती बनाने का तरीका

अखंड ज्योति की बाती को हमेशा कलावा से बनाना चाहिए।

9 दिन जलने वाली इस बाती के लिए आपको 1 मीटर कलावा लेना है।

ये भी पढ़ें-नवरात्रि में गलती से भी न करें ये काम, वरना माता रानी की नाराज़गी का सामना करना पड़ सकता है

अब अखंड ज्योत की बाती तैयार करने के लिए कलावे के धागे के एक सिरे को पकड़कर दूसरे सिरे के साथ मिलाते हुए आपस में दोनों सिरों को रगड़ते हुए मोड़े।

इसके बाद आपको दोनों सिरों को मिलाते हुए बीच में उंगली रखें। और फिर से इसे घुमाएं। ऐसा करते ही एक मोटी और मजबूत बाती बनकर तैयार हो जाएगी।

इस बात का खास ख्याल रखें कि अखंड ज्योत के लिए हमेशा हुक वाला दीपक ही खरीदें।

If you want to light the eternal flame during navratri then know the rules related to it

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Published On: Sep 19, 2025 | 08:31 PM

Topics:  

  • Goddess Durga
  • Religion
  • Shardiya Navratri

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