Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

होलाष्टक के 8 दिनों में बच कर रहें इन बातों से, वरना भुगतने पड़ सकते हैं बुरे परिणाम

Holashtak 2026 Rules: रंगों का त्योहार होली से 8 दिन पहले होलाष्टक शुरू हो जाता है और इसके बाद शुभ व मांगलिक कार्यों करने की रोक लग जाती है। जानिए इस साल 2026 होलाष्टक कब से शुरु है?

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Jan 27, 2026 | 05:34 PM

होलाष्टक (सौ.सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Holashtak Kab Hai Start: भगवान श्री कृष्ण का प्रिय माह फाल्गुन मास को बेहद पावन माना गया है। इस साल फाल्गुन माह की शुरुआत 02 फरवरी से हो रही है और 03 मार्च 2026 को इसका समापन होगा। इस महीने में दो बड़े पर्व महाशिवरात्रि और होली मनाए जाते हैं, जिनका लोगों को पूरे साल इंतजार रहता है। खासकर होली से पहले के आठ दिन, जिन्हें होलाष्टक कहा जाता है, धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

होली से आठ दिन पहले होलाष्टक शुरू हो जाते हैं, होलाष्टक 24 फरवरी से शुरू हो जाएंगे, होलिका दहन पर इसका समापन होता है, इस दौरान कौन से काम नहीं करना चाहिए जान लें-

होलाष्टक 2026 में कब से शुरू

फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी से शुरू होकर फाल्गुन मास की पूर्णिमा तक होलाष्टक लगते हैं। इस साल होलाष्टक 24 फरवरी 2026 से शुरू हो रहे हैं और इसका समापन 3 मार्च 2026 को होलिका दहन पर किया जाएगा।

सम्बंधित ख़बरें

Love Rashifal 28 January: रिश्तों की होगी परीक्षा, कहीं प्यार बढ़ेगा तो कहीं गलतफहमी बढ़ा सकती है दूरी

कब है 2026 की फाल्गुन अमावस्या? किस मुहूर्त में पूजा करने से बनेंगे सुख-समृद्धि के योग? यहां जानिए

मंगलवार को चुपचाप कर लें यह उपाय, कष्टभंजन देव हनुमान जी दूर कर देंगे सारे संकट

जया एकादशी पर तुलसी पूजन में रखें इन बातों का खास ख्याल, एक भूल बिगाड़ सकती है सारे काम।

क्या है होलाष्टक?

होलाष्टक वह अवधि है जो होलिका दहन से आठ दिन पहले शुरू होती है। यह समय धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इस दौरान नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है।

होलाष्टक का इतिहास

राक्षस राजा हिरण्यकश्यप स्वयं को भगवान मानता था। लेकिन उसका पुत्र प्रहलाद भगवान विष्णु का भक्त था। हिरण्यकश्यप ने प्रहलाद को अपने अधीन करने के लिए आठ दिनों तक लगातार यातनाएं दीं। यही आठ दिन होलाष्टक के नाम से प्रसिद्ध हुए।

होलाष्टक में क्या नहीं करें

शास्त्रों में कहा गया है कि इन दिनों में 16 संस्कार जैसे नामकरण संस्कार, जनेऊ संस्कार, गृह प्रवेश, विवाह संस्कार जैसे शुभ कार्य नहीं करने चाहिए।

वहीं किसी भी प्रकार का हवन, यज्ञ कर्म भी इन दिनों में नहीं किया जाता है। शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि होलाष्टक शुरू होने पर जिन लड़कियों की नई शादी हुई होती है, उन्हें अपने मायके में रहना चाहिए।

ये भी पढ़ें-कब से शुरू हो रहा है फाल्गुन? आ गई सबसे सटीक तिथि, जानिए इस महीने क्या भूल से भी न करें

होलाष्‍टक के दौरान क‍िसी भी अनजान व्‍यक्‍ति से न तो कोई चीज लें न खाएं। इस अवध‍ि में नकारात्‍मक ऊर्जा काफी ज्‍यादा होती है। ऐसे में क‍िसी की दी हुई चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।

होलिका दहन 2026

इस साल होलिका दहन 3 मार्च और रंगों वाली होली 4 मार्च 2026 को है। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6.22 मिनट से लेकर रात 8.50 मिनट तक रहेगा।

Holashtak 2026 rules importance

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jan 27, 2026 | 05:34 PM

Topics:  

  • Falgun Month
  • Holashtak
  • Lord Krishna
  • Religion

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.