चैत्र पूर्णिमा( सौ.AI)
Hindu New Year First Purnima Date: हिंदू धर्म में चैत्र महीने का बड़ा महत्व है। क्योंकि यह हिंदू कैलेंडर का पहला महीना है और इसी दिन से नववर्ष की शुरुआत होती है। इस महीने में चैत्र नवरात्रि, रामनवमी, गुड़ी पड़वा के अलावा चैत्र पूर्णिमा भी मनाई जाती हैं। इस वर्ष चैत्र पूर्णिमा 02 अप्रैल को रखा जा रहा हैं।
धर्म शास्त्रों में पूर्णिमा तिथि का बहुत ज्यादा धार्मिक महत्व माना गया है क्योंकि इस दिन मन का कारक माने जाने वाला चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से युक्त यानि पूर्ण आकार लिए रहता है।
ऐसे में इस पावन तिथि पर न सिर्फ चंद्र देवता बल्कि भगवान विष्णु के साथ हनुमान जी की पूजा-अर्चना अत्यंत ही शुभ और फलदायी मानी गई है क्योंकि उत्तर भारत की मान्यता के अनुसार इसी दिन बजरंगी का जन्म हुआ था। चैत्र मास की जिस पूर्णिमा तिथि को लक्ष्मीनारायण संग हनुमान जी और चंद्र देवता की पूजा का सौभाग्य प्राप्त होता है।
पंचांग के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा की शुरुआत 01 अप्रैल को सुबह 07 बजकर 06 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन अगले दिन यानी 02 अप्रैल को सुबह 07 बजकर 41 मिनट पर होगा। पंचांग के आधार पर 02 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा मनाई जाएगी। इस दिन चंद्रोदय शाम 07 बजकर 02 मिनट पर होगा।
धर्म ग्रथों के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा के दिन ही केसरीनंदन हनुमान जी ने जन्म लिया था। साल 2026 में बुधवार के दिन पूर्णिमा होने से इसका महत्व और बढ़ गया है। इस दिन सत्यनारायण भगवान की कथा सुनने और रात्रि में चंद्रमा की पूजा करने से मानसिक शांति और आर्थिक समृद्धि प्राप्त होती है। इसके साथ ही वीर बजरंगी की कृपा मिलती है।
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