Ganesh Chaturthi 2026: गणेश जी की पूजा के बाद जरूर पढ़ें ये आरतियां, सभी आरती एक ही जगह पढ़ें

Ganesh Chaturthi Arti: गणेश चतुर्थी के मौके पर गणेश जी की प्रमुख आरतियां एक ही जगह पढ़ें। यहां सुखकर्ता दुखहर्ता, जय गणेश देवा और शेंदुर लाल चढ़ायो जैसी आरती के पूरे बोल हैं।
Ganesh ji ki aarti full lyrics sukhkarta dukhharta jai ganesh deva rrs05
गणेश जी की आरतीफोटो.सोशल मीडिया
Published on
Updated on

Ganesh Ji Ki Arti: गणेश चतुर्थी पर भक्त भगवान गणेश की प्रतिमा की स्थापना के बाद विधि-विधान से उनकी पूजन-आरती करते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में गणपति की पूजा के दौरान अलग-अलग आरतियां गाने की परंपरा है। महाराष्ट्र में सुखकर्ता दुखहर्ता और शेंदुर लाल चढ़ायो, जबकि उत्तर भारत में 'जय गणेश देवा' बेहद लोकप्रिय है।

अगर आप भी गणेश चतुर्थी पर घर में बप्पा की पूजा कर रहे हैं और आरती के पूरे बोल खोज रहे हैं, तो यहां गणेश जी की प्रमुख आरतियां एक ही जगह पढ़ सकते हैं।

सुखकर्ता दुखहर्ता आरती

सुखकर्ता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची।
नुरवी पुरवी प्रेम, कृपा जयाची।
सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची।
कंठी झळके माळ मुक्ताफळांची॥

जय देव जय देव, जय मंगलमूर्ती।
दर्शनमात्रे मनकामना पूर्ती॥

रत्नखचित फरा, तुज गौरीकुमरा।
चंदनाची उटी, कुंकुमकेशरा।
हिरे जडित मुकुट, शोभतो बरा।
रुणझुणती नूपुरे, चरणी घागरिया॥

जय देव जय देव, जय मंगलमूर्ती।
दर्शनमात्रे मनकामना पूर्ती॥

लंबोदर पीतांबर, फणिवरबंधना।
सरळ सोंड वक्रतुंड, त्रिनयना।
दास रामाचा, वाट पाहे सदना।
संकटी पावावे, निर्वाणी रक्षावे, सुरवरवंदना॥

जय देव जय देव, जय मंगलमूर्ती।
दर्शनमात्रे मनकामना पूर्ती॥

जय गणेश देवा आरती

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

एकदंत दयावंत, चार भुजाधारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

हार चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतवारी।
कामना को पूर्ण करो, जग बलिहारी॥

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

सूर श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

शेंदुर लाल चढ़ायो आरती

शेंदुर लाल चढ़ायो, अच्छा गजमुख को।
दोंदिल लाल बिराजे, सुत गौरिहर को॥

हाथ लिए गुडलड्डू, सांई सुरवर को।
महिमा कहे न जाय, लागत हूं पद को॥

जय जय श्री गणराज, विद्या सुखदाता।
धन्य तुम्हारा दर्शन, मेरा मन रमता॥

अष्ट सिद्धि दासी, संकट को बैरी।
विघ्नविनाशन मंगल मूरत अधिकारी॥

कोटि सूरजप्रकाश, ऐसी छवि तेरी।
गंडस्थल मदमस्तक, झूले शशिबिहारी॥

जय जय श्री गणराज, विद्या सुखदाता।
धन्य तुम्हारा दर्शन, मेरा मन रमता॥

भावभगत से कोई, शरणागत आवे।
संतत संपत सबही, भरपूर पावे॥

ऐसे तुम महाराज, मोको अति भावे।
गोसावीनंदन निशिदिन, गुण गावे॥

जय जय श्री गणराज, विद्या सुखदाता।
धन्य तुम्हारा दर्शन, मेरा मन रमता॥

Ganesh ji ki aarti full lyrics sukhkarta dukhharta jai ganesh deva rrs05
Ganesh Chaturthi 2026: कैसे हुई भगवान गणेश की उत्पत्ति? हाथी के सिर से जुड़ी हैं ये 6 कथाएं

घालीन लोटांगण प्रार्थना

गणेश जी की आरती के बाद कई जगह 'घालीन लोटांगण' प्रार्थना भी गाई जाती है। यह विशेष रूप से महाराष्ट्र में प्रचलित है।

घालीन लोटांगण, वंदीन चरण।
डोल्यांनी पाहिन रूप तुझे॥
प्रेमें आलिंगीन, आनंदे पूजिन।
भावे ओवालीन म्हणे नामा॥

त्वमेव माता च पिता त्वमेव।
त्वमेव बंधुश्च सखा त्वमेव।
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com