Hartalika Teej: शिव-पार्वती के साथ गणेश जी की पूजा का क्या है धार्मिक महत्व?

Ganesh Puja Hartalika Teej: हरतालिका तीज पर शिव-पार्वती के साथ गणेश जी की पूजा करने की विशेष मान्यता है। जानिए गणपति को प्रथम पूज्य मानने की वजह और इस पूजा का धार्मिक महत्व।
Ganesh Puja Hartalika Teej
हरतालिका तीजSource: Pinterest
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Hartalika Teej Puja Shiva Parvati
हरतालिका तीज पर शिव-पार्वती के साथ क्यों होती है गणेश पूजा? हरतालिका तीज पर महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। लेकिन पूजा में गणेश जी का भी विशेष स्थान दिखाई देता है। आखिर इसके पीछे क्या मान्यता है? जानिए पूरी कहानी।Source: Pinterest
Shiva Parvati Puja
हरतालिका तीज माता पार्वती की भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए की गई तपस्या से जुड़ा पर्व है। इस दिन शिव-पार्वती की पूजा कर सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की जाती है। हरतालिका तीज माता पार्वती की कठोर तपस्या और भगवान शिव को पति रूप में पाने की उनकी इच्छा से जुड़ा पर्व माना जाता है। इसी वजह से इस दिन शिव-पार्वती की पूजा का विशेष महत्व होता है।Source: Pinterest
Hartalika Teej Ganesh Puja
क्योंकि हिंदू धार्मिक परंपरा में किसी भी शुभ कार्य या पूजा की शुरुआत करने से पहले भगवान गणेश की आराधना से करने की मान्यता है। भगवान गणेश को विघ्नों दूर करने वाला और शुभ शुरुआत का देवता माना जाता है। इसलिए गणपति को माना जाता है प्रथम पूज्य।Source: Pinterest
Hartalika Teej Ganesh Puja
हिंदू धार्मिक परंपराओं के अनुसार हरतालिका पूजा-विधि में भगवान गणेश की पूजा के बाद भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने का विधान बताया गया है। Source: Pinterest
Hartalika Teej 2026
हरतालिका पूजा में फूल, फल, नैवेद्य, दीप और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करने की परंपरा है। गणेश जी की पूजा में भी दूर्वा, फूल और मिठाई जैसी सामग्री चढ़ाने की परंपरा कई जगहों पर है। परिवार की स्थानीय परंपरा को प्राथमिकता देना बेहतर है। गणेश जी को विघ्नहर्ता कहा जाता है। इसलिए उनकी आराधना पहले करने के पीछे मान्यता है कि पूजा और संकल्प बिना बाधा के पूरे हों और भक्त को शुभ फल प्राप्त हो।Source: Pinterest
धार्मिक मान्यता के अनुसार गणेश जी भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र हैं। इसलिए जब हरतालिका तीज पर शिव-पार्वती की पूजा होती है, तो कई परिवारों में गणेश जी को भी शिव परिवार के सदस्य के रूप में पूजा में शामिल किया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार गणेश जी भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र हैं। इसलिए जब हरतालिका तीज पर शिव-पार्वती की पूजा होती है, तो कई परिवारों में गणेश जी को भी शिव परिवार के सदस्य के रूप में पूजा में शामिल किया जाता है।Source: Pinterest
Hartalika Teej Festival
साल 2026 में हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी दोनों 14 सितंबर को मनाए जा रहे हैं। तृतीया तिथि 14 सितंबर की सुबह तक रहती है और इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू होती है। यह इस साल के पर्व को और खास बनाता है।Source: Pinterest
Shiva Parvati Ganesh Clay Idol
हरतालिका तीज की कई परंपराओं में मिट्टी या बालू से शिव-पार्वती की प्रतिमाएं बनाकर पूजा करने का विधान मिलता है। कुछ क्षेत्रों में गणेश जी की प्रतिमा भी साथ बनाई या स्थापित की जाती है। हालांकि यह परंपरा हर जगह एक जैसी नहीं है।Source: Pinterest
Shiva Parvati Pujan
हरतालिका तीज की पूजा में गणेश जी को विघ्नहर्ता और शुभता से जुड़े देवता के रूप में पूजा जाता है। इसलिए तीज की पूजा में उनका स्मरण केवल एक रस्म नहीं, बल्कि पूजा को मंगलमय बनाने की धार्मिक भावना से जुड़ा माना जाता है।Source: Pinterest
Hartalika Teej Puja Shiva Parvati
हरतालिका तीज की मुख्य आराधना भगवान शिव और माता पार्वती की होती है। गणेश जी की पूजा कई परंपराओं में शुभ शुरुआत, विघ्नों से मुक्ति और शिव परिवार के मंगल की भावना से जुड़ी है। श्रद्धा और भक्ति ही इस पूजा का सबसे महत्वपूर्ण भाव है। हालांकि पूजा की परंपराएं अलग-अलग क्षेत्रों में बदल सकती हैं।Source: Pinterest

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