Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

भूलकर भी इस पेड़ के नीचे से नहीं गुजरे कांवड़िएं, खंडित हो सकती है कांवड़ यात्रा

Kanwar 2025: कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों को एक खास पेड़ यानि गूलर के पेड़ के नीचे से गुजरने की मनाही होती है। इस पेड़ के नीचे से गलती से भी गुजर जाए तो काफी नुकसान होता है।

  • Written By: दीपिका पाल
Updated On: Jul 31, 2025 | 10:29 AM

कांवड़ यात्रा के दौरान के नियम (सौ. सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

 

Kanwar Yatra 2025: सावन के महीनें में कई व्रत और त्योहार की शुरुआत हो चुकी है। वहीं पर कांवड़ यात्रा भी जारी है। वैसे तो कांवड़ियों के लिए कांवड़ यात्रा के दौरान कई नियम होते है जिनका पालन उन्हें करना होता है। आज हम आपको कांवड़ यात्रा से जुड़े एक और नियम के बारे में जानकारी दे रहे है जो जरूरी है। यात्रा के दौरान कांवड़ियों को एक खास पेड़ यानि गूलर के पेड़ के नीचे से गुजरने की मनाही होती है। इस पेड़ के नीचे से गलती से भी गुजर जाए तो काफी नुकसान होता है। कांवड़ यात्रा भी खंडित मानी जाती है। चलिए जानते है गूलर का पेड़ और कांवड़ियों के बीच का संबंध।

पूजनीय होता है गूलर का पेड़

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गूलर के पेड़ को पूजनीय माना जाता है। कहते है इसका संबंध शुक्र ग्रह से जोड़कर देखा जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, इस पेड़ का संबंध यशराज कुबेर से भी है. जब कांवड़िये इस पेड़ के नीचे से गुजरते हैं तो उनके पत्ते या फल उनके पैरों के नीचे आ जाते हैं, जिससे भगवान शिव और अप्रसन्न होते हैं। भूलकर ही कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों को इस पेड़ के नीचे से नहीं गुजरना चाहिए। इतना ही नहीं यह भी माना जाता है कि, कांवड़ियों को गूलर के पेड़ के नीचे से गुजरने की मनाही होती है क्योंकि गूलर के फल में असंख्य जीव-जंतु होते हैं।

सम्बंधित ख़बरें

पितरों को प्रसन्न करने का विशेष अवसर है फाल्गुन अमावस्या, इस विधि से करें तर्पण, सुख-समृद्धि के बनेंगे योग

कल साल का पहला सूर्य ग्रहण, गर्भवती महिलाएं भूलकर भी ना करें ये गलती!

कैसी महिलाएं घर-परिवार के लिए होती हैं साक्षात लक्ष्मी का रूप? जानिए आचार्य चाणक्य के विचार

हल्दी कब हो जाती है हेल्थ के लिए खतरनाक? तुरंत पढ़ें और गांठ बांध लें

अगर किसी कांवड़िए का पैर इसके फल पर पड़ जाता है, तो उन्हें उन जीव-जंतुओं की हत्या का पाप लगता है और उनकी कांवड़ यात्रा खंडित हो जाती है। पाप लगने के बाद जल शिव पर चढ़ने के लायक नहीं रहता और कांवड़ियों को अपनी यात्रा दोबारा शुरू करनी पड़ती है। गूलर के पेड़ में नकारात्मक और बुरी ऊर्जाओं का वास बताया जाता है।

ये भी पढ़ें– पूजा की थाली में इन वस्तुओं का रहना है बेहद जरूरी, वरना अधूरी रह जाएगी आपकी पूजा

कांवड़ यात्रा खंडित हो जाएं तो है नियम

कहां जाता है, कांवड़ यात्रा से जुड़े कई नियम होते है जिसमें अगर किसी भी नियम की वजह से कांवड़ यात्रा खंडित हो जाती है तो कांवड़ियों को जल वहीं किसी पेड़ के नीचे विसर्जित कर देना चाहिए। साथ ही भगवान शिव से क्षमा मांग कर 108 शिव मंत्रों का जाप करना चाहिए,उसके बाद ही पुनः अपनी यात्रा की शुरुआत करनी चाहिए। इसके अलावा वैज्ञानिक कारण यह भी है कि, इस पेड़ पर असंख्य जीव और कीट रहते हैं, इस पेड़ के नीचे से गुजरने पर हो सकता है कांवड़ियों को कोई स्किन एलर्जी हो जाए। यही कारण है कि कावड़ियों को गूलर के पेड़ नीचे से गुजरने को मना किया जाता है।

Forbidden to pass under the fig tree during the kanwar yatra

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jul 31, 2025 | 07:07 AM

Topics:  

  • Kanwariyas
  • Lifestyle News
  • Religion

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.