Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

पिता जीवित हैं तो भूल से भी बेटे को क्या नहीं करना चाहिए? तुरंत जान लें गलती न हो जाए

Astro Tips: हिंदू धर्म और शास्त्रों में पिता को जीवन का आधार, प्रथम गुरु और भाग्य का निर्माता माना गया है। जब पिता जीवित हों, तब पुत्र को कुछ ऐसे कर्मों से बचना चाहिए। जानिए इस बारे में।

  • By सीमा कुमारी
Updated On: Jan 09, 2026 | 05:14 PM

पिता-पुत्र (सौ.सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Father Alive Son Duties: हिंदू धर्म ग्रथों में माता-पिता देवतुल्य माना गया है जो हमें जीवन देने, संस्कार देने और पालन-पोषण करने के कारण सर्वोच्च स्थान रखते है। जहां मां के चरणों में अगर स्वर्ग बताया गया है, तो पिता को उस स्वर्ग की सीढ़ी माना गया है। हिंदू परिवार में पिता का स्थान बहुत सर्वोच्च माना जाता है। पिता और पुत्र का संबंध बहुत पवित्र माना गया है।विशेषकर ये आवश्यक माना गया है कि एक पुत्र अपने पिता का सम्मान और समाजिक व्यवस्था बनाए रखे।

मनु स्मृति और गरुड़ पुराण जैसे धर्मग्रंथों में साफ तौर पर कुछ ऐसे काम बताए गए हैं, जिनको एक पुत्र को पिता के जीवित रहते हुए नहीं करना चाहिए। ये सिर्फ धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक रूप से भी उचित है। ऐसे में आइए शास्त्रों के अनुसार, उन कामों के बारे में जानते हैं, जिनको पिता के जीवित रहते हुए पुत्र को करने से मना किया गया है।

कौन-से काम पिता के जीवित रहते पुत्र को नहीं करना चाहिए?

पिता के रहते श्राद्ध और पिंडदान वर्जित

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पिता जीवित होने पर पुत्र को पिंडदान, श्राद्ध या तर्पण जैसे कर्म नहीं करने चाहिए। ये कर्म मृत पितरों के लिए विशेष रूप से निर्धारित हैं। जीवित पिता के रहते इसे करना अशुभ माना जाता है।

सम्बंधित ख़बरें

आनंदेश्वर मंदिर पुनर्निर्माण को एमएसआईडीसी की मंजूरी, कछुआ गति से काम होने का आरोप

काला कहा जाता है सबसे अशुभ, फिर क्यों मकर संक्रांति पर पहनना होता है शुभ

आज शुक्रवार को ये किया तो लक्ष्मी होंगी मेहरबान, जरुर जानें क्या है उपाय

किन लोगों को नहीं खाना चाहिए भंडारे का प्रसाद, जानिए इससे जुड़े सभी जरूरी नियम

बड़े निर्णय बिना अनुमति न लें

शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि पिता के रहते पुत्र को विवाह, संपत्ति बंटवारा या गृहत्याग जैसे बड़े निर्णय नहीं लेने चाहिए। ऐसा करने से पारिवारिक असंतुलन और मानसिक क्लेश की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

पिता का अपमान जीवन में बाधा

पिता की अवज्ञा, नाराजगी या तिरस्कार को गंभीर पाप माना गया है। ऐसा करने से जीवन में विघ्न, धन हानि और मान-सम्मान की कमी होने की संभावना रहती है।

ये भी पढ़ें- काला कहा जाता है सबसे अशुभ, फिर क्यों मकर संक्रांति पर पहनना होता है शुभ

दान-पुण्य में पिता की प्राथमिकता

पुत्र द्वारा किए जाने वाले दान-पुण्य, व्रत या धार्मिक संकल्प में पिता की अनुमति और उनका सम्मान आवश्यक है। शास्त्रों के अनुसार पिता की सेवा स्वयं में महान पुण्य का स्रोत है।

पिता की आज्ञा पालन से विशेष आशीर्वाद

पिता की सेवा और आज्ञा का पालन करने से पुत्र को दीर्घायु, यश और सफलता प्राप्त होती है। यह जीवन में स्थायी सुख-समृद्धि का आधार माना जाता है।

Father alive son should not do hindu rules

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jan 09, 2026 | 05:14 PM

Topics:  

  • Astro Tips
  • Religion
  • Sanatan Hindu religion

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.