चंद्र ग्रहण (सौ.सोशल मीडिया)
Chandra Grahan Safety Tips : जल्द ही साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। धार्मिक एवं लोक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में संवेदनशील समय बताया गया है। इस साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने जा रहा है।
ज्योतिषयों के अनुसार, चंद्र ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, क्योंकि मान्यता है कि ग्रहण का प्रभाव मानव जीवन, प्रकृति और मानसिक स्थिति पर पड़ सकता है। ऐसे में जानिए चंद्र ग्रहण के समय किन बातों से परहेज करना चाहिए और कैसे सकारात्मकता बनाए रखी जा सकती है।
धार्मिक एवं लोक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के समय भोजन करना या पानी पीना अच्छा नहीं माना जाता। ऐसा कहा जाता है कि इस दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है, जिससे भोजन की शुद्धता प्रभावित हो सकती है।
यदि ग्रहण से पहले भोजन तैयार किया गया हो, तो उसमें तुलसी के पत्ते डालने की परंपरा है। तुलसी को पवित्रता और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है, इसलिए ऐसा करने से भोजन की पवित्रता बनी रहती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल में देवी-देवताओं की मूर्तियों को स्पर्श करना भी शुभ नहीं माना जाता। साथ ही इस दौरान तुलसी के पौधे, पीपल और बरगद के वृक्ष को भी न छूने की सलाह दी जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल में किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, सगाई या नया निवेश जैसे कार्य इस समय टालना बेहतर माना जाता है।
धार्मिक परंपराओं में बताया गया है कि ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतनी चाहिए। इस समय घर के भीतर ही रहें और अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।
साथ ही चाकू, कैंची, सुई या किसी भी नुकीली वस्तु का उपयोग न करें। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है, जिससे सकारात्मकता और मानसिक शांति बनी रहे।
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ग्रहण समाप्त होने के बाद कुछ पारंपरिक उपाय करने की मान्यता है, जिससे वातावरण में सकारात्मकता बनी रहे—
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन उपायों को करने से ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और जीवन में सुख-शांति तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।