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Ekadashi Story: आज निर्जला एकादशी पर करें इस कथा का पाठ, भगवान विष्णु की कृपा से मिलेगा 24 एकादशी व्रत का फल

Ekadashi Story 2026: मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ निर्जला एकादशी व्रत कथा का पाठ करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है और 24 एकादशी व्रतों के समान पुण्य फल मिलता है।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Jun 25, 2026 | 08:43 AM

भगवान विष्णु ( सौ.जैमिनी)

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Nirjala Ekadashi Vrat Katha :आज साल की सबसे बड़ी एकादशी यानी निर्जला एकादशी का व्रत है। इस व्रत की खास बात यह है कि इसमें अन्न के साथ-साथ जल का भी त्याग किया जाता है, इसलिए इसे ‘निर्जला’ एकादशी कहा जाता है।

सभी एकादशी में निर्जला एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। इस दिन पूजा के दौरान निर्जला एकादशी की व्रत कथा का श्रवण या पाठ करना आवश्यक माना जाता है। ऐसा करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है। आइए जानते हैं निर्जला एकादशी व्रत की कथा।

यहां पढ़ें निर्जला एकादशी व्रत कथा

निर्जला एकादशी व्रत कथा का संबंध महाभारत काल से माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से सभी एकादशियों के बराबर पुण्य प्राप्त होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाभारत काल में पांडवों में से भीम को भोजन बहुत प्रिय था। उनकी भूख इतनी अधिक थी कि वे महीने में आने वाली दोनों एकादशियों का व्रत नहीं रख पाते थे।

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बताया जाता है कि, एक दिन उन्होंने अपने गुरु वेदव्यास से पूछा कि ऐसा कौन-सा व्रत है, जिसे करने से सभी एकादशियों का फल प्राप्त हो जाए।

तब वेदव्यास जी ने भीमसेन से कहा कि यदि वे ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को बिना अन्न और बिना जल ग्रहण किए व्रत रखें, तो उन्हें वर्ष भर की सभी एकादशियों के व्रत का पुण्य प्राप्त होगा।

इस व्रत को धर्म ग्रथों में अत्यंत कठिन बताया गया क्योंकि इसमें सूर्योदय से लेकर अगले दिन द्वादशी तक जल का भी त्याग करना पड़ता है।

वेदव्यास जी की आज्ञा का पालन करते हुए भीमसेन ने निर्जला एकादशी का व्रत रखा। उन्होंने पूरे दिन भगवान भगवान विष्णु का स्मरण, पूजा और भजन किया। व्रत पूर्ण होने पर उन्होंने ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा दी और द्वादशी के दिन विधिपूर्वक पारण किया।

कथा के अनुसार, भीमसेन के इस व्रत से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें सभी एकादशियों के व्रत के समान पुण्य प्रदान किया। तभी से यह मान्यता प्रचलित है कि जो श्रद्धालु विधि-विधान से निर्जला एकादशी का व्रत करता है, उसे समस्त एकादशियों के समान फल प्राप्त होता है तथा भगवान विष्णु की विशेष कृपा मिलती है।

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Published On: Jun 25, 2026 | 08:43 AM

Topics:  

  • Ekadashi Fast
  • Lord Vishnu
  • Religion News

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