महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान (सौ.सोशल मीडिया)
Mauni Amavasya 2025: हिंदू धर्म में व्रत और त्योहार का महत्व होता है वहीं पर इस समय उत्तरप्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ का दौर जारी है। आने वाले 29 जनवरी को मौनी अमावस्या का दिन है तो साथ ही इस दिन महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान भी है। कहते है मौनी अमावस्या के दिन खास उपाय और स्नान करने से पितर दोष से मुक्ति मिलती है। साल 2025 में मौनी अमावस्या पर महाकुंभ का महासंयोग भी बन रहा है इस दिन का अमृत फल पाना चाहते है तो आप कुछ ऐसे कार्य याद रख लें जो आपके लिए जरूरी है।
आपको बताते चलें कि, मौनी अमावस्या के दिन धार्मिक मान्यता है कि, इस दिन मौनी अमावस्या पर जो दान, पितृ पूजन आदि करता है उसे जीवनभर के कष्ट से मुक्ति मिलती है वहीं पर पितरों के खुश रहने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। चलिए जान लेते है मौनी अमावस्या का शुभ मुहूर्त…
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 5.25 – सुबह 6.18
लाभ (उन्नति) – सुबह 7.11 – सुबह 8.32
अमृत (सर्वोत्तम) – सुबह 8.32 – सुबह 9.53
यहां पर बताया जाता है कि, मौनी अमावस्या पर स्नान करने का शुभ दिन माना गया गया है इस दिन अगर आप मौन का नियम अपनाकर स्नान के नियम पूरे करते है अद्भुत स्वास्थ्य और ज्ञान फल की प्राप्ति होती है। इसके अलावा जिन्हें मानसिक रूप से किसी प्रकार की समस्या है वे मौनी अमावस्या के दिन स्नान कर सकते है। यहां पर मौनी अमावस्या के महत्व को बताते हुए इन बातों को ख्याल रखना जरूरी होता है।
1-अगर आप मौनी अमावस्या के व्रत के दिन मौन धर्म का नियम अपनाते है तो फायदा जीवन में आगे मिलता है।
2-मौनी अमावस्या के दिन स्नान के साथ ही गरीबों को भोजन करना अच्छा होता है पापों से मुक्ति और प्रायश्चित होता है।
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3-मौनी अमावस्या के दिन व्रत के सभी नियमों का पालन करने से कुंडली के सभी ग्रह दोष दूर होते हैं।
4-इस अमावस्या पर स्नान से मानसिक समस्या, डर या वहम से निजात मिलती है।