फाल्गुन अमावस्या(सौ.सोशल मीडिया)
Falgun Amavasya: मंगलवार, 17 फरवरी को फाल्गुन महीने की फाल्गुन अमावस्या है। सनातन धर्म में अमावस्या तिथि पर स्नान-ध्यान कर देवों के देव महादेव की पूजा की जाती है। साथ ही जप-तप और दान-पुण्य भी किया जाता है। इस दिन यानी अमावस्या तिथि पर पितरों का तर्पण भी किया जाता है।
धार्मिक मान्यता है कि, फाल्गुन अमावस्या के दिन गंगा स्नान कर भगवान शिव की पूजा करने से साधक पर शिव-शक्ति की कृपा बरसती है। उनकी कृपा से जीवन में व्याप्त संकटों से मुक्ति मिलती है। साथ ही पितरों की कृपा बरसती है।
ज्योतिषयों के अनुसार, अगर आप भी पितरों को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो फाल्गुन अमावस्या के दिन पूजा, जप-तप करने के बाद राशि हिसाब से इन चीजों का दान करें।
मेष राशि के जातक फाल्गुन अमावस्या के दिन गुड़ और मसूर दाल का दान करें।
वृषभ राशि के जातक फाल्गुन अमावस्या के दिन चावल और आटा का दान करें।
मिथुन राशि के जातक फाल्गुन अमावस्या के दिन हरी सब्जियों का दान करें।
कर्क राशि के जातक फाल्गुन अमावस्या के दिन चूड़ा, दही और चीनी का दान करें।
सिंह राशि के जातक फाल्गुन अमावस्या के दिन लाल रंग के कपड़े और गेहूं का दान करें।
कन्या राशि के जातक फाल्गुन अमावस्या के दिन हरे रंग के मौसमी फलों का दान करें।
तुला राशि के जातक फाल्गुन अमावस्या के दिन सफेद तिल और कपड़े का दान करें।
वृश्चिक राशि के जातक फाल्गुन अमावस्या के दिन मोटे अनाज का दान करें।
धनु राशि के जातक फाल्गुन अमावस्या के दिन केला, पपीता और गन्ना का दान करें।
मकर राशि के जातक फाल्गुन अमावस्या के दिन जरूरतमंदों के मध्य खिचड़ी का वितरण करें।
कुंभ राशि के जातक फाल्गुन अमावस्या के दिन चमड़े के जूते-चप्पल और कंबल का दान करें।
मीन राशि के जातक फाल्गुन अमावस्या के दिन पीले रंग के कपड़े और बेसन का दान करें।
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि अमावस्या के दिन पूर्वज पृथ्वी पर आते हैं। फाल्गुन अमावस्या के दिन दान, स्नान और तर्पण करने से न केवल पितृ दोष से मुक्ति मिलती है, बल्कि राहु-केतु जैसे ग्रहों के अशुभ प्रभाव भी कम होते हैं। इस दिन किया गया श्राद्ध और तर्पण पूर्वजों की आत्मा को तृप्त करता है, जिससे वे खुश होकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।