हरतालिका तीज के व्रत में भूलकर भी न करें ये काम, अन्यथा निष्फल हो जाएगी पूजा
सनातन धर्म में हरतालिका तीज का विशेष महत्व है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु एवं दांपत्य जीवन में खुशहाली के लिए व्रत करती है। इस व्रत को करने के शास्त्रों में कुछ नियम हैं, जिनका पालन करने से व्रत पूर्ण माना जाता है।
- Written By: रीना पंवार
(सौजन्य सोशल मीडिया)
हर साल भाद्रपद माह में आने वाली शुक्ल तृतीया पर महिलाओं द्वारा हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है। इस बार यह व्रत आज यानी 6 सितंबर 2024, शुक्रवार को है। धार्मिक मान्यता है कि, हरतालिका तीज का व्रत करने से जीवन में आ रही तमाम तरह की परेशानियों से मुक्ति भी मिलती है, साथ ही, वैवाहिक जीवन भी सुखमय रहता है।
इस व्रत को करने के लिए शास्त्रों में कुछ नियम भी बताए गए है, जिनका पालन करने से व्रत पूर्ण माना जाता है। तो ऐसे में आइए जानते हैं कि हरतालिका तीज के दिन महिलाओं को किन बातों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है-
अन्न-जल नहीं किया जाता ग्रहण
शास्त्रों के अनुसार, हरतालिका तीज का व्रत अत्यंत कठिन होता है। ये निर्जला व्रत होता है। यानी कि व्रती महिलाएं इस दिन जल तक ग्रहण नहीं कर सकती है। अगर किसी महिला ने पानी पी लिया तो व्रत खंडित हो जाता है। इसलिए ऐसी गलती न करें।
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भूलकर भी न करें क्रोध
हरतालिका तीज व्रत के दौरान व्रती महिलाओं को क्रोध करने से बचना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि क्रोध करने से व्रत अधूरा माना जाता है।
बीच में न छोड़ें हरतालिका तीज व्रत
ज्योतिषियों के अनुसार, यदि कोई महिला हरितालिका तीज का व्रत शुरू कर रही है तो उसे बीच में व्रत नहीं छोड़ना चाहिए। यानि हर साल यह व्रत पूरे विधि-विधान से करना चाहिए। अगर घर में सूतक भी लगा हुआ हो तो भी व्रत करना अनिवार्य है। लेकिन, इस दौरान पूजा घर की बजाय मंदिर में जाकर करनी चाहिए।
ऐसी मान्यता है कि, यदि कोई भी कुंवारी या विवाहित महिला एक बार इस व्रत को रखना शुरू कर देती है तो उसे जीवनभर यह व्रत रखना ही होता है। बीमार होने पर दूसरी महिला या पति इस व्रत को रख सकता है। जिन महिलाओं ने व्रत रखा है उन्हें व्रत नहीं तोड़ना चाहिए, ऐसा करना अशुभ माना जाता है।
किसी के भी प्रति गलत भावना ना रखें
हरतालिका तीज व्रत के दौरान व्रती महिलाओं को अपने मन में किसी भी तरह का गलत विचार नहीं लाना चाहिए अर्थात किसी के भी प्रति गलत भावना ना रखें। इस दिन भूलकर भी किसी को भला-बुरा न कहें।
व्रत में दिन में सोना है वर्जित
हरतालिका तीज के दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और दिन भर मन-ही-मन भगवान शिव व माता पार्वती का नाम जपती रहती हैं। इस व्रत के खास नियमों में से एक यह है कि इस दौरान दिन में नहीं सोना चाहिए। अगर आप हरतालिका तीज का व्रत कर रही हैं तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इस व्रत में दिन व रात में सोना वर्जित होता है। हरतालिका तीज पर दिन- रात भगवान का भजन करना चाहिए।
लेखिका- सीमा कुमारी
