दिवाली में लक्ष्मी-गणेश जी की ‘ऐसी’ मूर्ति भूल से भी न लें, नहीं होता है शुभ
Lakshmi-Ganesh Idol: धनतेरस के दिन लक्ष्मी पूजा के लिए भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की मूर्ति भी खरीदी जाती है। लेकिन क्या आपको पता है कि मूर्तियां खरीदते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
- Written By: सीमा कुमारी
दिवाली में भूलकर भी न खरीदें लक्ष्मी-गणेश की ऐसी मूर्ति (सौ.सोशल मीडिया)
Lakshmi Ganesh Murti: प्रकाश एवं उमंग का महापर्व दिवाली हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है जिसे हर साल धूमधाम से मनाया जाता है। देश के हर कोने पर इस त्योहार की रौनक देखने को मिलती है। हालांकि सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में बसे हिंदू समुदाय के लोग भी बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं।
दिवाली से दो दिन पहले धनतेरस के दिन लक्ष्मी पूजा के लिए भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की मूर्ति भी खरीदी जाती है। लेकिन क्या आपको पता है कि मूर्तियां खरीदते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी भी होता है।
मान्यताओं के अनुसार ऐसी मूर्तियों को घर लाना शुभ नहीं माना जाता है। ऐसे में आइए जान लेते है भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की मूर्ति खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
सम्बंधित ख़बरें
Ashadha Amavasya 2026: आषाढ़ अमावस्या पर इन 5 गुप्त दानों से बदल सकती है किस्मत! पितरों का मिलेगा आशीर्वाद
Sawan 2026: सावन में इन 4 चमत्कारी पौधों की पूजा खोल सकती है किस्मत के बंद दरवाजे
Kark Sankranti 2026: 16 जुलाई को खुलेंगे पुण्य के दुर्लभ द्वार! इस खास समय में किया गया एक काम बदल सकता है भाग
सोमवार को शिवलिंग पर चढ़ा दें ये 8 पवित्र चीजें… कहते हैं महादेव जल्दी सुन लेते हैं सच्चे भक्त की पुकार
दिवाली में भूलकर भी न खरीदें लक्ष्मी-गणेश की ऐसी मूर्ति
खंडित या टूटी मूर्ति न खरीदें
ज्योतिषयों के अनुसार, अक्सर लोग सुंदरता के चक्कर में अनजाने में थोड़ी-बहुत टूटी या खंडित मूर्ति खरीद लेते हैं। ध्यान रखें, खंडित मूर्ति को अशुभ और दरिद्रता लाने वाला माना गया है। मूर्ति का कोई भाग टूटा हो, चाहे वह छोटा ही क्यों न हो, उसे घर में रखना वर्जित है।
मूर्तियों का रंग भी रखता है महत्व
ध्यान रखें कि लक्ष्मी और गणेश की मूर्तियां साफ-सुथरे, चमकदार और शुद्ध रंगों में हों। बहुत गाढ़े या भड़काऊ रंगों से बचें। पीतल, चांदी, संगमरमर या मिट्टी की मूर्तियां शुभ मानी जाती हैं।
लक्ष्मी जी बैठी हों, खड़ी नहीं
दिवाली की पूजा के लिए लक्ष्मी जी का बैठा हुआ स्वरूप ही शुभ माना जाता है। खड़ी लक्ष्मी को चंचला लक्ष्मी कहा गया है, जो स्थायित्व नहीं देती। इसलिए घर में समृद्धि बनाए रखने के लिए बैठी लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर ही खरीदें।
एक ही जोड़ी मूर्ति रखें, बार-बार न बदलें
हर साल नई मूर्ति लाने की परंपरा कुछ घरों में है, लेकिन ज्योतिष के अनुसार अगर आपकी पुरानी मूर्ति संपूर्ण और शुद्ध है, तो उसे बार-बार बदलना आवश्यक नहीं है। भावनाओं से जुड़ी मूर्तियों में शक्ति होती है।
इसे भी पढ़ें–धनतेरस की रात बिल्कुल न करें ये गलती, वरना पैसों की तंगी झेलनी पड़ेगी !
मूर्तियों का चेहरा एक-दूसरे की ओर नहीं होना चाहिए
कई बार लोग ऐसी मूर्तियां खरीद लेते हैं जिनमें लक्ष्मी और गणेश एक-दूसरे की ओर देख रहे होते हैं। लेकिन ज्योतिष और वास्तु के अनुसार, ऐसी मूर्तियां शुभ नहीं मानी जातीं। दोनों देवी-देवताओं का चेहरा सामने की ओर होना चाहिए, जिससे उनका आशीर्वाद सीधा पूजक पर पड़े।
