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रामायण का कौन सा कांड नहीं पढ़ा जाता? जानकर हैरान हो जाएंगे राम भक्त

Ramayan: रामायण पाठ एक पवित्र परंपरा है। सुबह-शाम रामायण का पाठ कर लोग जीवन में शांति, संस्कार और मर्यादा का भाव लाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रामायण का एक ऐसा कांड भी है।

  • Written By: सिमरन सिंह
Updated On: Jan 19, 2026 | 06:43 PM

Ram, Sita and Laxman (Source. Pinterest)

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Ramayan Kand: भारत के करोड़ों घरों में रामायण पाठ एक पवित्र परंपरा है। सुबह-शाम रामायण का पाठ कर लोग जीवन में शांति, संस्कार और मर्यादा का भाव लाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रामायण का एक ऐसा कांड भी है, जिसे अधिकतर घरों में जानबूझकर नहीं पढ़ा जाता? यही सवाल आज भी भक्तों के मन में जिज्ञासा पैदा करता है।

कौन सा कांड नहीं पढ़ा जाता?

जब घरों में रामायण का अखंड या नियमित पाठ होता है, तो अक्सर लोग अंतिम भाग में जोड़े गए लव-कुश कांड या उत्तर कांड का पाठ नहीं करते। आम धारणा है कि तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस में उत्तर रामायण का स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता।

तुलसीदास बनाम वाल्मीकि रामायण

वाल्मीकि जी की रामायण में उत्तर कांड का वर्णन मिलता है, जिसमें अयोध्या में एक धोबी के कथन के बाद भगवान राम द्वारा माता सीता के त्याग की कथा आती है। कथा के अनुसार, एक धोबी ने यह कहकर अपनी पत्नी को अपनाने से इंकार कर दिया कि वह एक रात नदी के उस पार रह गई थी। इसी प्रसंग को आधार बनाकर राजा राम ने सीता माता के त्याग का निर्णय लिया।

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तुलसीदास जी की मान्यता

तुलसीदास जी इस कथा से सहमत नहीं थे। उनका स्पष्ट मत था कि “भगवान राम किसी धोबी के कहने पर माता सीता का त्याग नहीं कर सकते।” इसी कारण रामचरितमानस में उत्तर कांड को विशेष महत्व नहीं दिया गया। कई राम भक्त मानते हैं कि इस कथा से भगवान राम की मर्यादा और आदर्श छवि पर प्रश्न उठता है, इसलिए वे इस कांड का पाठ नहीं करते।

इसी वजह से नहीं होता पाठ

भक्तों का मानना है कि रामायण का पाठ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, भक्ति और आदर्श मूल्यों को स्थापित करने के लिए किया जाता है। माता सीता के त्याग की कथा को कई लोग अत्यंत पीड़ादायक मानते हैं, इसलिए वे इसे पाठ में शामिल नहीं करते।

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सबसे लोकप्रिय है सुंदरकांड

इन सभी कांडों में सुंदरकांड सबसे अधिक लोकप्रिय माना जाता है। हनुमान जी की भक्ति, साहस और श्रीराम के प्रति समर्पण का यह कांड रामायण पाठ में विशेष स्थान रखता है। संकट, भय और मानसिक तनाव से मुक्ति के लिए सुंदरकांड का पाठ आज भी सबसे अधिक किया जाता है।

ध्यान दें

रामायण का हर कांड अपने आप में गूढ़ अर्थ और जीवन संदेश समेटे हुए है। फिर भी आस्था और परंपरा के कारण कुछ कांडों को पढ़ने या न पढ़ने का निर्णय भक्त अपनी मान्यताओं के अनुसार लेते हैं।

Chapter of the ramayana is not read ram devotees will be surprised to know the answer

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Published On: Jan 19, 2026 | 06:43 PM

Topics:  

  • Lord Ram
  • Ramayan
  • Sanatan Hindu religion
  • Sanatana Dharma

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