क्या सच में शादीशुदा थे हनुमान जी? जानिए कौन हैं बजरंग बली की पत्नी और क्यों छुपा रहा यह रहस्य
Hanuman Ji Marriage: भगवान हनुमान को सदियों से ब्रह्मचारी और श्रीराम के परम भक्त के रूप में जाना जाता है। अधिकांश लोग यही मानते हैं कि उन्होंने कभी विवाह नहीं किया। लेकिन वो विवाहित थे।
- Written By: सिमरन सिंह
Hanuman Ji's marriage (Source. Pinterest)
Hanuman Ji Wife: भगवान हनुमान को सदियों से ब्रह्मचारी और श्रीराम के परम भक्त के रूप में जाना जाता है। अधिकांश लोग यही मानते हैं कि उन्होंने कभी विवाह नहीं किया। लेकिन धार्मिक ग्रंथों और कुछ प्राचीन कथाओं में एक अलग ही जानकारी सामने आती है। कहा जाता है कि हनुमान जी का विवाह हुआ था और उनकी पत्नी का नाम सुवर्चला था। हालांकि रामायण में इस विवाह का उल्लेख नहीं मिलता, लेकिन कुछ अन्य ग्रंथों में इस कहानी का जिक्र किया गया है, जिसने लोगों के मन में जिज्ञासा पैदा कर दी है।
पराशर संहिता में मिलता है विवाह का उल्लेख
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पराशर संहिता में बताया गया है कि हनुमान जी ने शिक्षा प्राप्त करने के लिए सूर्य देव को अपना गुरु बनाया था। सूर्य देव के पास कुल 9 दिव्य विद्याएं थीं। हनुमान जी ने इनमें से 5 विद्याएं तो आसानी से सीख लीं, लेकिन बाकी की 4 विशेष विद्याओं को सीखने के लिए उनका विवाहित होना जरूरी बताया गया। यही वह स्थिति थी जहां हनुमान जी के सामने एक बड़ी दुविधा खड़ी हो गई।
सूर्य देव ने दिया अपनी पुत्री से विवाह का प्रस्ताव
हनुमान जी विवाह नहीं करना चाहते थे, क्योंकि वे जीवनभर ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहते थे। लेकिन जब ब्रह्मा जी की आज्ञा और शिक्षा पूरी करने का प्रश्न आया, तो सूर्य देव ने एक समाधान सुझाया। सूर्य देव ने अपनी तपस्वी और तेजस्वी पुत्री सुवर्चला के साथ विवाह का प्रस्ताव रखा। उन्होंने हनुमान जी को आश्वासन दिया कि सुवर्चला से विवाह करने के बाद भी उनका ब्रह्मचर्य भंग नहीं होगा। इसके बाद हनुमान जी ने सुवर्चला से विवाह किया और विवाह के बाद उन्होंने शेष विद्याएं भी पूरी कर लीं।
सम्बंधित ख़बरें
Jyeshtha Maas 2026: मई से शुरू हो रहा ज्येष्ठ मास, इन नियमों का पालन करें और पाएं हनुमान जी की कृपा
Ganga Saptami: गंगा सप्तमी के शुभ दिन गंगाजल के उपाय दिलाएंगे कई परेशानियों से छुटकारा, धन-दौलत के बनेंगे योग!
Balcony Vastu Tips: बालकनी में भूल से भी न रखें ये चीज़ें, वजह जानिए
Jyeshtha Month: ज्येष्ठ 2026 में पड़ रहे हैं 8 मंगलवार, कर्क समेत इन 4 राशि वालों के लिए मंगल ही मंगल!
विवाह के बाद भी कैसे बने रहे ब्रह्मचारी?
कथा के अनुसार, शिक्षा पूरी होने के बाद सुवर्चला देवी तपस्या में लीन हो गईं और सांसारिक जीवन से दूर हो गईं। इस कारण हनुमान जी का ब्रह्मचर्य भी कायम रहा। इसी वजह से धार्मिक परंपराओं में उन्हें आज भी अखंड ब्रह्मचारी माना जाता है।
भारत में यहां होती है दोनों की पूजा
भारत में हनुमान जी और उनकी पत्नी सुवर्चला का एक अनोखा मंदिर भी मौजूद है। यह मंदिर तेलंगाना के खम्मम जिले में स्थित है। इस मंदिर में भक्त बजरंग बली और सुवर्चला देवी की संयुक्त पूजा करते हैं। यह मंदिर इस कथा का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है और यहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।
