गुप्त नवरात्रि में इन चमत्कारी मंत्रों के जाप की महिमा जानिए, सुख-समृद्धि और सौभाग्य के बनेंगे योग
जो लोग व्रत रखने में समर्थन नहीं हैं वो मंत्र जप से माता को प्रसन्न कर सकते हैं। आज हम आपको देवी के कुछ ऐसे मंत्रों के बारे में बताएंगे जिनका जप गुप्त नवरात्रि में करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
गुप्त नवरात्रि में करें इन चमत्कारी मंत्रों का जप (सौ.सोशल मीडिया)
हिन्दू धर्म में नवरात्रि का बड़ा महत्व है। जो बेहद पवित्र माना जाता है। इस त्यौहार का उल्लेख हिन्दू धर्म के कई ग्रंथों में किया गया है। भागवत पुराण में कहा गया है कि देवी पूजा का यह त्यौहार साल में चार बार मनाया जाता है। जिसमें चैत्र नवरात्रि, शारदीय नवरात्रि और 2 गुप्त नवरात्रि शामिल हैं। एक बार आषाढ़ महीने में और दूसरी बार माघ महीने में। इस साल आषाढ़ महीने की गुप्त नवरात्रि 26 जून से हो रही है।
ज्योतिषयों के अनुसार, गुप्त नवरात्रि के दौरान माता दुर्गा की दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है। साथ ही इस दौरान आप व्रत और माता की दस महाविद्याओं का पूजन तो कर ही सकते हैं, साथ ही इस दौरान मंत्रों के जप से भी शुभ फलों की प्राप्ति भी हो सकती है।
आपको बता दें, जो लोग व्रत रखने में समर्थन नहीं हैं वो मंत्र जप से माता को प्रसन्न कर सकते हैं। आज हम आपको देवी के कुछ ऐसे मंत्रों के बारे में बताएंगे जिनका जप गुप्त नवरात्रि में करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Jagannath Rath Yatra: जगन्नाथ मंदिर में क्यों लगाया जाता है, खिचड़ी का भोग? जानिए महाप्रसाद की रसोई के चमत्कार
Bhadli Navami 2026: कब है भड़ली नवमी? विवाह और अन्य शुभ कार्यों के लिए आखिरी शुभ मुहूर्त, जानें तिथि
Jyeshtha Purnima: ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026: दुर्लभ संयोग में करें ये 5 उपाय, जीवन में आएगी सुख-समृद्धि
प्रयागराज में मोहर्रम जुलूस के दौरान करंट से 17 वर्षीय किशोर की मौत, बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप
गुप्त नवरात्रि में करें इन चमत्कारी मंत्रों का जप
ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते:।
दुर्गा सप्तशती में वर्णित यह मंत्र बेहद शक्तिशाली और मनोकामनाओं को पूरा करने वाला माना जाता है। इस मंत्र का जप करने से देवी दुर्गा की कृपा आपको प्राप्त होती है।
ॐ ह्रीं क्लीं श्रीं:
देवी माता का यह आसान सा मंत्र भी आप जप सकते हैं। इस मंत्र का जप करने से आपको धन, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।
इस मंत्र का जप करने से आपकी मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं और आपके शत्रुओं का नाश होता है।
योगिनी एकादशी के शुभ दिन भूलकर भी न करें ये काम, वरना भुगतने पड़ सकते हैं परिणाम, दुखमय हो जाएगा जीवन!
दस महाविद्याओं को प्रसन्न करने के मंत्र
ॐ क्रीं कालिकायै नमः।
ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं हूं फट्।
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुरायै नमः।
ॐ ह्रीं भुवनेश्वर्यै नमः।
श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैरोचनीये हूं हूं फट् स्वाहा।
ॐ ह्रीं भैरवी कलौं ह्रीं स्वाहा।
धूं धूं धूमावती ठः ठः।
ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय, जिव्हा कीलय, बुद्धिं विनाश्य ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ ह्रीं ऐं भगवती मतंगेश्वरी फट् स्वाहा।
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं कमलायै नमः।
इन मंत्रों के जप के साथ ही आप दुर्गा सप्तशती, देवी कवच, कीलक, अर्गला स्तोत्र आदि का पाठ भी कर सकते हैं। इनका पाठ करने से आपको आत्मिक बल की प्राप्ति होती है। साथ ही देवी माता की कृपा आप पर बरसती है और जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं।
