खरमास (सौ. Gemini)
Kharmaas Good Luck Tips: रविवार, 15 मार्च से साल 2026 का पहला खरमास शुरू होने जा रहा है, जो 14 अप्रैल तक रहेगा। इस अवधि में मांगलिक और शुभ कार्यों को करने से परहेज किया जाता है। ज्योतिषियों के मुताबिक, खरमास की अवधि को साधना, दान और आत्मचिंतन के लिए शुभ माना जाता है।
धार्मिक लोक मान्यता है कि, खरमास के दौरान किए गए शुभ और मांगलिक कामों का शुभ फल प्राप्त नहीं होता है, क्योंकि इस दौरान भगवान सूर्य और देवताओं के गुरु बृहस्पति दोनों का ही प्रभाव कम होता है।
हालांकि, इस अवधि को साधना, दान और आत्मचिंतन के लिए शुभ माना जाता है। इस समय पूजा-पाठ, व्रत और दान करना बहुत पुण्यदायी माना गया है। वहीं मान्यता ये भी है कि खरमास शुरू होने से पहले कुछ विशेष वस्तुएं घर में लाने से सुख-समृद्धि आती है।
वास्तु शास्त्र में पीतल या तांबे का कछुआ धन और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। खरमास से पहले इसे घर लाकर उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में पानी के पास रखना शुभ माना जाता है। इससे धन का प्रवाह स्थिर रहता है और घर में लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है।
वास्तु शास्त्र में खरमास से पहले धातु का कछुआ घर लाने के अलावा, घर में हरा-भरा मनी प्लांट लगाना शुभ भी माना जाता है। खरमास से पहले इसे लाकर घर के दक्षिण-पूर्व दिशा में रखें।
नियमित रूप से पानी दें और पत्तों को साफ रखें। यह पौधा घर में सकारात्मक ऊर्जा लाता है और धन के नए स्रोत खोलता है।
खरमास से पहले धातु का कछुआ घर लाने के अलावा, चांदी का सिक्का भी लाना शुभ बताया गया है। लक्ष्मी जी को प्रिय वस्तु चांदी को मां लक्ष्मी का प्रिय धातु माना जाता है। खरमास शुरू होने से पहले 5 या 11 चांदी के सिक्के लाकर उन्हें लाल कपड़े में लपेटकर तिजोरी, पूजा स्थल या धन स्थान में रखें। इससे आर्थिक स्थिति में स्थिरता आती हैं।
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वास्तु के अनुसार, झाड़ू को लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता हैं। खरमास से पहले नई झाड़ू खरीदें। झाडू लाना दरिद्रता दूर करने और समृद्धि का संकेत होता है।
खरमास के दौरान आमतौर पर नई कार, जमीन या बहुत महंगी वस्तु खरीदने से बचें, लेकिन घर की साफ-सफाई, दान-पुण्य, पूजा-पाठ में किसी प्रकार की कोताही न बरतें। इस दौरान स्वच्छता और नियमित पूजा करें।