

Krishna Janmabhoomi Silver Stone In Rajsthan: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के लिए संकल्पित रजत शिला इन दिनों विभिन्न स्थानों पर पूजन और दर्शन के लिए पहुंच रही है। इसी क्रम में संकल्पित रजत शिला राजस्थान के करौली जनपद में पहुंची, जहां सनातनी श्रद्धालुओं ने बैंड-बाजों के साथ उसका भव्य स्वागत किया। विशेष रथ से रजत शिला को उतारकर माता रानी के दरबार में दर्शन और पूजन के लिए ले जाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और धार्मिक वातावरण बना रहा।
रजत शिला के करौली पहुंचने की जानकारी मिलते ही नगरवासियों और सनातनी समाज के लोगों में उत्साह दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने गर्मजोशी के साथ रजत शिला का स्वागत-सत्कार किया। बैंड-बाजों के साथ रजत शिला को माता रानी के दरबार तक ले जाया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक जयघोष करते हुए रजत शिला के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर-मस्जिद प्रकरण में याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि संकल्पित रजत शिला का पूजन संपूर्ण हिंदुस्तान में सनातनी समाज के लोगों द्वारा श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रजत शिला को लेकर सनातनी हिंदुओं में भारी उत्साह है और विभिन्न स्थानों पर लोग श्रद्धापूर्वक इसका पूजन कर रहे हैं।
दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि सनातनी समाज की इच्छा है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े प्रकरण में न्यायालय का फैसला जल्द आए। उन्होंने कहा कि सनातनियों द्वारा पूजित और संकल्पित इस रजत शिला का उपयोग भविष्य में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के निर्माण में किया जाए, ऐसी भावना श्रद्धालुओं के मन में है।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने रजत शिला के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। आयोजन में संत-महात्माओं और बड़ी संख्या में सनातनी समाज के लोगों की मौजूदगी रही। रजत शिला के पूजन को लेकर लोगों में विशेष आस्था और उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम संयोजक राजेश पाठक ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। इस अवसर पर दिव्यात्मानंद पुरी महाराज, अनिल कृष्ण शास्त्री, सुखराम सिंह कमल, महामंडलेश्वर राधानंद गिरी, कान्हा कौशिक, उदेश सैनी, राधेश्याम शर्मा, राजीव गर्ग, विपिन गोयल, सुरेश कुमार और राजेश शास्त्री सहित हजारों सनातनी श्रद्धालु मौजूद रहे।
आयोजकों के अनुसार संकल्पित रजत शिला को विभिन्न धार्मिक स्थलों और प्रमुख स्थानों पर ले जाकर पूजन कराया जा रहा है। इसके पीछे श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने और सनातनी समाज की धार्मिक भावनाओं को जोड़ने की भावना बताई गई है। करौली में रजत शिला के पहुंचने और माता रानी के दरबार में पूजन के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी ने आयोजन को विशेष बना दिया।