

Mathura Krishna Janmabhoomi Threat: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को लेकर कार सेवा का आह्वान करने वाले चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज को कथित तौर पर पाकिस्तान से जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। स्वामी सच्चिदानंद महाराज के अनुसार, पाकिस्तानी मोबाइल नंबर से उनके व्हाट्सएप पर कॉल की गई और कार सेवा एवं प्रस्तावित कार्यक्रम से पीछे हटने की चेतावनी दी गई। इसके साथ ही उनके व्हाट्सएप पर धमकी भरे ऑडियो संदेश भी भेजे गए हैं।
बताया जा रहा है कि धमकी देने वाले व्यक्ति ने स्वामी सच्चिदानंद महाराज को कार सेवा के आह्वान से पीछे हटने के लिए कहा। ऑडियो में कथित तौर पर कहा गया कि वे इस तरह का कार्यक्रम न करें और अपने साधु-संतों को भी इससे दूर रखें। धमकी देने वाले ने कार्यक्रम में शामिल होने वाले साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चेतावनी दी।
कथित ऑडियो में कहा गया, “महाराज जी, मैं आपसे कह रहा हूं, आप ये चीज न करें, बाज आ जाएं। बचें, अपने साधु-संत जितने भी आपके जाएंगे, बचेगा कोई नहीं इस रैली में।” इसके बाद धमकी देने वाले ने स्वामी सच्चिदानंद को कार्यक्रम से पीछे हटने की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वह पीछे नहीं हटे तो उनका भी अंजाम ठीक नहीं होगा।
ऑडियो में कथित तौर पर यह भी कहा गया कि लोग बाद में उन्हें ढूंढते रह जाएंगे। धमकी देने वाले ने कहा, “बाबाजी पीछे हट जाएं, आपको वार्निंग दे रहे हैं, पीछे हटें, बचेगा कुछ नहीं।” इसके अलावा कथित धमकी में स्वामी सच्चिदानंद महाराज की ‘समाधि’ वहीं बनाए जाने जैसी आपत्तिजनक और गंभीर बातें भी कही गई हैं।
दूसरे हिस्से में कथित आरोपी ने कहा कि वह उन्हें ढूंढकर निकाल सकता है और बार-बार कार्यक्रम से दूर रहने की चेतावनी दी। ऑडियो में कहा गया, “बचें आप, बचें... आपका कोई भी वहां पर नहीं बचेगा उस भीड़ में... आप बच जाएं, छोड़ेंगे नहीं हम आपको।”
धमकी भरे ऑडियो सामने आने के बाद संत समाज में भी चिंता का माहौल है। स्वामी सच्चिदानंद महाराज द्वारा मामले की जानकारी पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को दिए जाने की बात सामने आई है। अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान करना और यह पता लगाना है कि इस्तेमाल किया गया मोबाइल नंबर वास्तव में पाकिस्तान का है अथवा किसी अन्य स्थान से पाकिस्तानी नंबर का इस्तेमाल कर धमकी दी गई है।
पुलिस जांच में व्हाट्सएप कॉल, मोबाइल नंबर और भेजे गए ऑडियो संदेशों की तकनीकी जांच महत्वपूर्ण होगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि धमकी के पीछे किसी संगठित समूह की भूमिका है या किसी व्यक्ति ने भय का माहौल पैदा करने के उद्देश्य से यह कृत्य किया है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े कार्यक्रम को लेकर सामने आई इस कथित धमकी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही हैं। धमकी वास्तविक है या इसके पीछे कोई अन्य साजिश है, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।नोट: मैंने धमकी वाले ऑडियो को लेख में “कथित” के रूप में रखा है, ताकि रिपोर्टिंग में आरोप को तथ्य के रूप में पेश न किया जाए।