
राजस्थान की डिप्टी सीएम दिया कुमारी व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा
जयपुर: राजस्थान में आपातकाल की 50वीं बरसी पर सियासत बयानबाजियां खूब हुईं। डिप्टी सीएम दिया कुमारी द्वारा कांग्रेस को लोकतंत्र की हत्या करने वाली पार्टी बताए जाने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने जवाब देते हुए कहा कि दिया कुमारी के पिता भवानी सिंह खुद कांग्रेस से चुनाव लड़ चुके हैं और संभव है कि उनके घर में आज भी इंदिरा गांधी की तस्वीर लगी हो। साथ ही डोटासरा ने भाजपा सरकार पर भी कई तीखे सवाल खड़े किए।
डोटासरा ने कहा कि भाजपा आज आपातकाल को काला दिवस बता रही है, लेकिन उस वक्त आरएसएस प्रमुख बालासाहेब देवरस ने इंदिरा गांधी के फैसले का स्वागत किया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग राजतंत्र से आते हैं, वे आज लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। डोटासरा ने यह भी जोड़ा कि दिया कुमारी को भाजपा का इतिहास बताने से पहले अपने परिवार का इतिहास भी देखना चाहिए।
कांग्रेस से जुड़ाव का इतिहास, फिर लोकतंत्र की दुहाई क्यों
डोटासरा ने सवाल उठाया कि जब दिया कुमारी के पिता कांग्रेस के टिकट पर जयपुर से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं, तो आज कांग्रेस को लोकतंत्र का दुश्मन कैसे बताया जा सकता है? उन्होंने कहा, अगर घर में भवानी सिंह की तस्वीर लगी है, तो संभव है कि इंदिरा गांधी की भी तस्वीर लगी हो। फिर कांग्रेस को बदनाम करने का नैतिक अधिकार कहां से आता है? उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को बताना चाहिए कि उसने पिछले वर्षों में क्या विकास कार्य किए हैं, बजाय इसके कि वो केवल इतिहास की राजनीति करे।
सीकर के विकास और स्थानीय मुद्दों पर भी किए सवाल
डोटासरा ने राज्य में भाजपा सरकार के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने सीकर के लिए जो काम किए, उन्हें भाजपा सरकार ने खत्म कर दिया। “हमारी सरकार में बना सीकर संभाग और नीमकाथाना जिला दोनों ही खत्म कर दिए गए,” उन्होंने आरोप लगाया।
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सीकर में निर्माणाधीन दशा की ढाणी रेलवे पुलिया का उदाहरण देते हुए डोटासरा ने बताया कि इसमें कुल 80 करोड़ में से केवल 20-22 करोड़ ही केंद्र सरकार ने दिए, जबकि बाकी राशि कांग्रेस सरकार ने दी थी। इसके बावजूद प्रधानमंत्री ने चुनाव के समय इसका फीता काट दिया। उन्होंने नगर विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा और प्रभारी मंत्री संजय शर्मा पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि स्थानीय मुद्दों पर सरकार नाकाम रही है।






