आसाराम को तगड़ा झटका, हाई कोर्ट ने बरकरार रखी उम्रकैद की सजा, तुरंत सरेंडर करने का आदेश
Co Accused Sanchita And Sharad Acquitted: दुष्कर्म मामले में कोर्ट ने आसाराम की उम्रकैद को बरकरार रखा है और तुरंत सरेंडर का आदेश दिया है। मामले में सह-आरोपी संचिता और शरद को बड़ी राहत मिली है।
- Written By: अमन मौर्या
आसाराम बापू (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
High Court Upholds Asaram Bapu Life Imprisonment: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर खंडपीठ से तगड़ा झटका लगा है। जस्टिस योगेंद्र कुमार और जस्टिस अरुण मोंगा की पीठ ने बुधवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नाबालिग से यौन उत्पीड़न मामले में आसाराम की उम्र कैद की सजा बरकरार रखी है।
वहीं, कोर्ट ने मामले में संचिता और शरद को बरी कर दिया है। इसके पहले 20 अप्रैल को कोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट के आदेश के बाद अब अंतरिम जमानत पर चल रहे आसाराम को सरेंडर करना होगा।
आजीवन कारावास की सजा बरकरार
आसाराम बापू रेप केस पर पीड़िता के वकील पी.सी. सोलंकी ने मीडिया से बात की है। उन्होंने कहा, लंबी सुनवाई के बाद हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में संचिता और शरद को बरी कर दिया है। आसाराम की धारा 376D, 120B और 134 के तहत सजा को रद्द कर दिया गया है। कोर्ट के बाकी फैसलों को बरकरार रखा गया है।
सम्बंधित ख़बरें
पिनाराई विजयन के घर छापेमारी पर भड़की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भाजपा और कांग्रेस की बताई मिलीभगत
केरल में पूर्व CM पिनाराई विजयन के आवास पर छापेमारी, बेटी के घर समेत 10 ठिकानों पर ED ने दी दस्तक
असम कांग्रेस विधायक दल में बड़ा बदलाव! पार्टी नेतृत्व को मिला नया चेहरा, जानें कौन है वाजेद अली चौधरी
कपल से हुई बहस तो कनपटी पर सटा कर मार दी गोली, दिल्ली में सनसनीखेज वारदात, लड़के की हालत गंभीर
#WATCH | Jodhpur, Rajasthan: On Asaram Bapu rape case, Advocate of the victim, P.C. Solanki says, “… After long hearing, the High Court’s Division Bench in its judgment has acquitted Sanchita and Sharad. Asaram’s sentence under sections 376D, 120 B and 134 has been set aside.… pic.twitter.com/N41QjmLBGq — ANI (@ANI) May 27, 2026
अब उन्हें हाई कोर्ट के निर्देशानुसार, तुरंत प्रभाव से अपनी बाकी सजा काटने के लिए सरेंडर करना होगा। फैसले की पूरी लिखित कॉपी अभी जारी नहीं की गई है। इस मोड़ पर, जब तक फैसले की पूरी जानकारी सामने नहीं आ जाती, तब तक इस पर आगे कोई टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।
मेडिकल आधार पर मिली है अंतरिम जमानत
86 वर्षीय आसाराम ने अपनी बढ़ती उम्र और बिगड़ते स्वास्थ्य का हवाला देते हुए बार-बार जमानत की गुहार लगाई थी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने उन्हें मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत दी थी, जिसे अदालत द्वारा समय-समय पर बढ़ाया जाता रहा है।आसाराम की सजा निलंबित करने की याचिका पर सुरक्षित रखे गए फैसले के सुनाए जाने तक, जो भी पहले हो, तब तक लागू रहेगी।
उनकी पिछली अंतरिम जमानत की अवधि सोमवार को खत्म होने वाली थी। सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट देवदत्त कामत आसाराम की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए, जबकि एडवोकेट निशांत बोडा और यशपाल सिंह राजपुरोहित बेंच के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश हुए।
ये भी पढ़ें- बंगाल में Detect, Delete, Deport नीति का असर, घुसपैठियों में दहशत, BSF चौकी पर खुद सरेंडर कर रहे बांग्लादेशी
क्या है पूरा मामला?
आसाराम को अगस्त 2013 में जोधपुर स्थित अपने आश्रम में नाबालिग छात्रा से बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। लंबे चले मुकदमे के बाद, जोधपुर की एक विशेष पॉक्सो कोर्ट ने 25 अप्रैल 2018 को उन्हें दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
एक अन्य मामले में, आसाराम को जनवरी 2023 में गुजरात के गांधीनगर स्थित अपने आश्रम में एक महिला भक्त के साथ बलात्कार के लिए भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
