जैसलमेर के रोजगार कार्यालय का कर्मचारी पाकिस्तान का जासूस! पुलिस ने किया गिरफ्तार

जैसलमेर के रोजगार कार्यालय में एएओ के पद कार्यरत शकूर को पाकिस्तान लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उसके संबंध पाकिस्तानी उच्चायोग से थे।
जैसलमेर के रोजगार कार्यालय का कर्मचारी पाकिस्तान का जासूस! पुलिस ने किया गिरफ्तार
प्रतीकात्कम तस्वीर-जासूस गिरफ्तार
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जैसलमेरः राजस्थान पुलिस ने जैसलमेर के रोजगार कार्यालय में कार्यरत सहायक प्रशासनिक अधिकारी (एएओ) शकूर खान को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि शकूर पर भारत से जुड़ी सामरिक महत्व की गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान को भेजने का आरोप है।

पुलिस महानिरीक्षक (सीआईडी सुरक्षा) विष्णु कांत गुप्ता ने बताया कि शकूर खान की गतिविधियां काफी समय से संदिग्ध थीं, इसीलिए सुरक्षा एजेंसियां उस पर कड़ी नजर रख रही थी। उन्होंने बताया, ‘‘निगरानी के दौरान यह जानकारी सामने आई कि शकूर खान पाकिस्तान दूतावास में कार्यरत कुछ व्यक्तियों विशेषकर अहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश और सोहेल कमर के साथ लगातार संपर्क में था।''

दानिश से था शकूर का संपर्क

दानिश को पहले ही भारत सरकार द्वारा ‘‘अवांछित व्यक्ति'' घोषित कर वापस पाकिस्तान भेजा जा चुका है। विष्णु गुप्ता ने कहा कि शकूर खान से जयपुर में सभी खुफिया एजेंसियों द्वारा विस्तार से पूछताछ की गई, जिसमें खुलासा हुआ कि उसने दानिश की मदद से कई बार पाकिस्तान का वीजा प्राप्त किया और पड़ोसी देश की यात्राएं कीं। पुलिस अधिकारी ने एक बयान में कहा कि शकूर पर आरोप है कि पाकिस्तान प्रवास के दौरान उसने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (आईएसआई) के एजेंट से संपर्क साधा।

पाकिस्तान भेजता था सूचनाएं

आईजी ने कहा कि वह आईएसआई के बताए अनुसार भारत लौटकर सामरिक महत्व की सूचनाएं इकट्ठा करता था और उन्हें व्हॉट्सऐप जैसे ‘मैसेजिंग ऐप' से पाकिस्तान तक पहुंचाता था। यह एक गंभीर सुरक्षा उल्लंघन है, क्योंकि उसके पद (सहायक प्रशासनिक अधिकारी) के कारण उसे कई संवेदनशील जानकारियों तक पहुंच हो सकती थी।

शकूर के राजनीतिक कनेक्शन आईजी साधी चुप्पी

सीआईडी आईजी ने कहा कि शकूर खान द्वारा किया गया यह कृत्य शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 के अंतर्गत आता है। इसी अधिनियम के तहत उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि, पुलिस ने खान के राजनीतिक संबंधों के बारे में कुछ भी कहने से परहेज किया, लेकिन सूत्रों ने बताया कि वह पूर्व वर्ती कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे शाले मोहम्मद के सहायक (पीए) के रूप में काम करता था। इस मुद्दे पर पिछले दिनों राजनीतिक गलियारों में काफी बयानबाजी हुई थी।

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