

Mukhyamantri Hamari Beti Yojana: राजस्थान सरकार राज्य की बेटियों को शिक्षा क्षेत्र में आगे बढ़ाने को मुख्यमंत्री हमारी बेटियां योजना के तहत बड़ी वित्तीय सहायता दे रही है। योजना के माध्यम से सरकारी स्कूलों की मेधावी छात्राओं को 11वीं और 12वीं क्लास की पढ़ाई जारी रखने के लिए 1.15 लाख रुपये तक की सालाना आर्थिक मदद दी जा रही।
इस योजना को शुरू करने के पीछे भाजपा सरकार का लक्ष्य शिक्षा क्षेत्र में बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाना है। अक्सर 10वीं बाद कई मेधावी छात्राएं पैसों की तंगी के चलते स्कूल छोड़ देती हैं। यह योजना उन छात्राओं को 11वीं और 12वीं में नियमित पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करती है। अहम बात है कि यह सहायता सिर्फ स्कूल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शैक्षणिक योग्यता के आधार पर यह मदद ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन तक जारी रहती है।
इस योजना की नोडल एजेंसी बालिका शिक्षा फाउंडेशन है। यह फाउंडेशन चयन प्रक्रिया और फंड प्रबंधन का काम देखता है। इस योजना के तहत चयनित हर छात्रा को सालाना 1.15 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। इस रकम का वितरण दो भागों में किया गया है। पहले हिस्से में कोचिंग और फीस। इसमें स्कूल, कोचिंग या हॉस्टल फीस के लिए सालाना 1 लाख रुपये तक की बड़ी सहायता दी जाती है। दूसरे हिस्से में स्टेशनरी और किताबें। इसमें पढ़ाई से जुड़ी सामग्री और स्टेशनरी के लिए सालाना 15 हजार रुपये अलग से दिए जाते हैं।
इस योजना के तहत राज्य के हर जिले से 4 मेधावी छात्राओं का चयन होता है। यह चयन की प्रक्रिया माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान की 10वीं क्लास की मेरिट के आधार पर होती है। इसमें कुछ कैटेगरी शामिल हैं।
इन छात्राओं के लिए 10वीं बोर्ड परीक्षा में कम-से कम 75 प्रतिशत अंक हासिल करना अनिवार्य है। राज्य सरकार की यह योजना न केवल मेधावी बेटियों का हौसला बढ़ा रही, बल्कि समाज में बालिका शिक्षा के प्रति सकारात्मक बदलाव भी ला रही। 1.15 लाख रुपये की यह वित्तीय सहायता गरीब और अनाथ बालिकाओं के लिए बहुत उपयोगी है। इस मदद से वे बिना आर्थिक बाधा के अपने कॅरियर के सपनों को साकार कर सकती हैं।