भीलवाड़ा: डेथ-इंश्योरेंस गिरोह का पर्दाफाश, बीमारों की मौत पर नोट बटोरने वाला खौफनाक सिंडिकेट, ऐसे हुआ खुलासा
Insurance Murder Syndicate: भीलवाड़ा पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो गरीबों और बीमारों के नाम पर करोड़ों का बीमा करवाकर उनकी हत्या कर देता था और उसे हादसा दिखाकर क्लेम हड़पता था।
- Written By: अमन उपाध्याय
भीलवाड़ा इंश्योरेंस मर्डर सिंडिकेट गैंग, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Insurance Murder Syndicate Bhilwara News In Hindi: राजस्थान की भीलवाड़ा पुलिस ने एक ऐसे दिल दहला देने वाले ‘इंश्योरेंस मर्डर सिंडिकेट’ का भंडाफोड़ किया है, जो इंसानी लाशों पर मुनाफे का काला कारोबार कर रहा था। यह गिरोह समाज के सबसे लाचार और गरीब तबके के लोगों की बीमारी और मजबूरी को अपनी कमाई का जरिया बनाता था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह केवल एक हत्या का मामला नहीं है बल्कि एक बेहद सुनियोजित और शातिराना तरीके से चलाया जा रहा डेथ-इंश्योरेंस रैकेट है।
कैसे काम करता था गिरोह?
पुलिसिया पूछताछ में इस गिरोह के काम करने के तरीके का खुलासा हुआ है जो किसी डार्क थ्रिलर फिल्म जैसा है। सबसे पहले यह गिरोह ऐसे लोगों को टारगेट करता था जो आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर, गंभीर रूप से बीमार या शराब की लत में डूबे हों। टारगेट मिलने के बाद, गिरोह उनके नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये की भारी-भरकम जीवन बीमा पॉलिसी लेता था।
इसके बाद परिवार को बेहतर इलाज का झांसा देकर पीड़ित को अपने कब्जे में ले लिया जाता और उसे किसी दूसरे राज्य के सुनसान इलाके या किराए के मकान में शिफ्ट कर दिया जाता था।
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बीमा के लिए जलाए दीपक के अंगूठे
इस पूरे रैकेट का खुलासा अहमदाबाद के 36 वर्षीय दीपक भाई के मामले से हुआ। दीपक बीमार और बेहद गरीब था, जिसका फायदा उठाते हुए आरोपियों विश्वास सूरज सैमुअल, भीखा भाई और डालू गाडरी ने उसे इलाज के नाम पर भीलवाड़ा के मालोला गांव में एक किराए के कमरे में रखा। आरोपियों ने उसे शराब का इतना आदी बना दिया कि वह सही-गलत का होश खो बैठा।
साजिश के तहत जब दीपक की मौत हो गई तो बीमा क्लेम को ‘एक्सीडेंटल’ साबित करने के लिए आरोपियों ने मृत शरीर के साथ बर्बरता की। दीपक के हाथ की उंगलियों और पैर के अंगूठे को माचिस की तीलियों से जलाया गया ताकि यह दिखाया जा सके कि उसकी मौत बिजली का करंट लगने से हुई है।
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डॉक्टर की सूझबूझ सामने आया मामला
जब आरोपी दीपक की लाश लेकर अस्पताल पहुंचे तो उन्हें लगा कि वे बच निकलेंगे। लेकिन सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. रोहित सेहरावत को शव पर जलने के निशान संदिग्ध लगे और उन्हें मृतक के सीने पर ECG इलेक्ट्रोड के निशान भी मिले जिससे यह साफ हो गया कि अस्पताल लाने से पहले भी शरीर के साथ कुछ किया गया था। डॉक्टर ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद भीलवाड़ा एसपी धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने घेराबंदी कर गंगरार टोल नाके से तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
