पंजाब में बड़ा धार्मिक संकट, अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री और सिख विधायकों को दिया 30 दिन का समय; मची खलबली
Punjab Politics: एंटी-सेक्रिलेज कानून को लेकर बढ़े विवाद के बीच अकाल तख्त ने सरकार को एक महीने में संशोधन करने का निर्देश दिया है। सीएम भगवंत मान समेत सभी सिख विधायकों को इस मुद्दे पर तलब किया गया।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
अकाल तख्त (सोर्स -सोशल मीडिया)
Punjab Akal Takht Gives 30 Days Chief Minister And Sikh MLA: पंजाब की राजनीति और सिख धार्मिक संस्थाओं के बीच टकराव एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। धार्मिक अपमान विरोधी कानून को लेकर बढ़े विवाद के बीच अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत राज्य विधानसभा की सभी 117 सीटों में से 78 सिख विधायकों और मंत्रियों को तलब किया। अमृतसर में हुई सुनवाई के दौरान अकाल तख्त ने पंजाब सरकार को कानून में संशोधन कर आपत्तिजनक प्रावधानों को हटाने के लिए एक महीने का समय दिया है।
अकाल तख्त का कहना है कि यह कानून बिना पर्याप्त धार्मिक परामर्श के लाया गया, जिससे सिख समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। वहीं, सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया है कि अकाल तख्त की ओर से भेजे जाने वाले सुझावों और आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। इस घटनाक्रम ने पंजाब की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है और आगामी चुनावों से पहले धार्मिक और राजनीतिक समीकरणों पर भी असर पड़ सकता है।
क्या है पूरा मामला?
अकाल तख्त और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन समिति ने जगतग गुरु श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम 2026 पर आपत्ती जताते हुए कहा कि इसे सिख समुदाय के बिना परामर्श के ही लागु कर दिया गया है। तो वहीं अकाल तख्त ने पंजाब सरकार से कहा था कि पंजाब सरकर अपने इस कानून से उन प्रावधानों को हटाए जो ‘गुरु ग्रंथ साहिब’ और सिख समुदाय की भावनाओं के ठेस पहुंचाती हैं। वहीं गड़गज ने पहले ही कहा था कि अकाल तख्त के बेअदबी करने वाले दोषियों को इस मामले में कड़ी से कड़ी से सजा दिया जाए।
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सराकर को एक महिने का दिया समय
दरअसल गड़गज ने विधायकों को संबोधित करते हुए कहा था कि भगवंत मान की सरकार एक महिने के अंदर कानून में संसोधन लाने पर ध्यान दे। अकाल तख्त की आपत्तियों का समाधान करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक प्रक्रियाओं में बाधा ना डाले। इतना ही उन्होंने इस मामलों में राज्य के विधायकों को दर्ज आपत्तियों की एक सूची प्रदान किया और ‘बीर’ शब्द को ‘सरूप’ में शब्द में बदलने की बात लिखी थी।
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नेताओं को किया गया तलब
बता दें अकाल तख्त ने सिख समुदाय के जितने नेताओं को तलब किया उसमें से आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल, पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुॉलतार सिंह,,विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा, कांग्रेस विधायक परगट सिंह,अकाली दल के विधायक गनीव कौर,बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा, हरपाल सिंह चीमा,समेत अन्य कई विधायक शामिल हैं।
