Year Ender: खटाखट खट…से लेकर अबकी बार 400 पार तक 2024 के वो सियासी नारे जिससे बदली देश की सियासत
वर्ष 2024 को अलविदा बोलकर दुनिया नए वर्ष का स्वागत करने की तैयारी में जुट गई है। राजनीति के मद्देनजर से देखे तो लोकसभा चुनाव के दौरान बयानबाजियों एवं राजनीतिक दलो
- Written By: Saurabh Pal
ईयर एंडर 2024 (फोटो- सोशल मीडिया)
नवभारतः वर्ष 2024 को अलविदा बोलकर दुनिया नए वर्ष का स्वागत करने की तैयारी में जुट गई है। यह साल कई सियासी घटनाओं का साक्षी है। राजनीति के मद्देनजर से देखे तो लोकसभा चुनाव के दौरान बयानबाजियों एवं राजनीतिक दलों द्वारा गढ़े नारों के लिए जाना जाएगा। ऐसे में उन अहम नारों का हम जिक्र करेंगे, जिससे बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए। इतना ही नहीं राजनीति की दिशा और दसा बदल गई।
2014 से 2022 तक भाजपा के नरेंद्र मोदी ब्रांड का देश में एक राज रहा। इसमें उनके अपीलिंग और प्रभावशाली नारों एवं संवाद का अहम रोल रहा है, लेकिन 2024 में विपक्षी दलों ने भाजपा और नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक नया ‘INDIA’ नाम से फ्रंट बनाया। इस फ्रंट ने लोकसभा चुनाव प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई। जिसके बाद समूचा विपक्ष जो सिर्फ भाजपा को नहीं हरा पार रहा था, वह भाजपा नेतृत्व वाले NDA पर भारी पड़ने लगा।
इन नारों ने नाक में किया दम
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राहुल गांधी ने अपनी ‘पप्पू’ की छवि और देश में बिखरी कांग्रेस को एक जुट करने के लिए 2023 में कश्मीर से कन्याकुमारी तक पदयात्रा निकाली। जिसका नाम ‘भारत जोड़ो’ यात्रा रखा गया। इस यात्रा के दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी की तरफ से “नफरत छोड़ो, भारत जोड़ो” और “नफरत के बाजार में मोब्बद की दुकान” खोलेंगे जैसे नारे लगाए। जो काफी सफल रहा। हर व्यक्ति की जुबान पर यह नारा छाया रहा। जिसका भरपूर उपयोग कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में किया।
कांग्रेस के 5 नारे जो काफी सफल रहे
“गरीबों के खाते में पैसा जाएगा खटाखट खटाखट खटाखट”
“गरीबों का सहारा, कांग्रेस दोबारा”
न्याय हक, मिलने तक”
“संविधान बचाओ”
“हाथ बदलेंगे हालात”
भाजपा का काउंटर अटैक
वहीं भाजपा ने भी अपने रचनात्मक नारों से जनता के दिल में बने रहने की कोशिश की। इसमें काफी हद उसे कामयाबी भी मिली। भाजपा को भरोसा था कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का उसे उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्की पूरे देश में लाभ मिलेगा। इसलिए भाजपा की तरफ से नारा दिया गया कि “जो राम लाए हैं हम उनको लाएंगे” इसके अलावा कई राज्यों में भाजपा की सरकार थी। इसलिए ‘डबल इंजन की सरकार’ का नारा लगाया गया। आत्मविश्वास दिखाने के लिए अबकी बार 400 पार का नारा लगाया, लेकिन यही नारा फायर बैक कर गया। क्योंकि उन्होंने नहीं बताया की 400 पार सीटें जीतने के बाद भाजपा का विजन क्या रहेगा है। इसी पर कुछ भाजपा नेताओं ने संविधान बदलने का बयान दे डाला, जिसको कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने लपक लिया।
भाजपा के 5 बेहतरीन नारे
“सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास”
“नया भारत, आत्मनिर्भर भारत”
“डबल इंजन की सरकार”
जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएंगे
‘अबकी बार-400 पार’
सपा ने दी कड़ी टक्कर
इन दोनों राष्ट्रीय दलों के अलावा 2024 लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में बड़ी सफलता हांसिल की। अखिलेश यादव के नेतृत्व सपा ने 37 सीटे जीतीं। जिसके वजह से भाजपा बहुमत से दूर रह गई। इससे नरेंद्र मोदी और भाजपा की पूरे देश में किरकिरी हुई। इस बड़ी जीत के साथ समाजवादी पार्टी देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई।
सपा द्वारा लगाए गए नारे
“जो पीडीए की बात करेगा, वो इंडिया पर राज करेगा”
“अस्सी हराओ-भाजपा हटाओ”
