शिंदे-पवार की डिनर डिप्लोमेसी, दिल्ली में शिवसेना और शरद पवार गुट ने रात्रिभोज की जरिए साधे समीकरण
महाराष्ट्र में लगातार बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सोमवार को दिल्ली में शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने रात्रिभोज का आयोजन किया। जिसके बाद सियासी गलियारों में मायने निकालना शुरू हो गया है...
- Written By: आकाश मसने
(कॉन्सेप्ट फाेटो)
नई दिल्ली: महाराष्ट्र में लगातार बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सोमवार को दिल्ली में शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने रात्रिभोज का आयोजन किया। जिसके बाद इस डिनर डिप्लोमेसी को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई है।। दिल्ली में शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट के सांसद श्रीकांत शिंदे ने अपने सरकारी निवास पर महाराष्ट्र के नवनिर्वाचित विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के साथ ही महाराष्ट्र के सांसदों के लिए रात्रि भोज का आयोजन किया। यह माना जा रहा है कि उनकी यह डिनर डिप्लोमेसी भाजपा और शिवसेना शिंदे गुट के बीच में लगातार बढ़ती दूरी को कम करने का प्रयास था।
इधर, एनसीपी दिग्गज शरद पवार के घर पर एनसीपी (शरदचंद्र पावार) और कांग्रेस के सांसद भी रात्रि भोज पर जुटे और उन्होंने महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक की राजनीति पर चर्चा की। खास बात यह थी कि इन दोनों ही डिनर में भाजपा का कोई बड़ा नेता नहीं पहुंचा। यह महाराष्ट्र के नेताओं की उपस्थिति तक ही केंद्रित रहा।
शरद पवार के घर पर रात्रि भोज के मुद्दे पर कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि इस रात्रि भोज के दौरान संसद के अंदर समन्वय बढ़ाने और महाराष्ट्र सहित देश में इंडिया गठबंधन दलों के बीच समन्वय व सहयोग बढ़ाने को लेकर चर्चा की गई। इसके साथ ही महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस की राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे गुट के नेताओं के साथ बढ़ाई जा रही घनिष्ठता के राजनीतिक मायनों पर भी चर्चा की गई।
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सूत्रों के मुताबिक श्रीकांत शिंदे ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित भाजपा के कई बड़े नेताओं को अपने यहां रात्रि भोज पर आमंत्रित किया था। लेकिन देर शाम तक भाजपा का कोई भी बड़ा नेता रात्रि भोज में नहीं पहुंचा था।
क्या है डिनर के आयोजन का मकसद
यह माना जा रहा था कि जिस तरह से महाराष्ट्र सरकार में उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे लगातार स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उस दूरी को भाजपा के साथ खत्म करने के इरादे से ही श्रीकांत शिंदे ने इस रात्रि भोज का आयोजन किया था। वह दिल्ली में रात्रि भोज का आयोजन कर अपने पिता के लिए बेहतर स्थिति की संभावना मजबूत करना चाहते थे।
नहीं पहुंचा भाजपा का कोई बड़ा नेता
लेकिन भाजपा के बड़े नेताओं के नहीं पहुंचने से यह माना जा रहा है कि एकनाथ शिंदे के लिए महाराष्ट्र में आगे की राह बहुत आसान नहीं रहने वाली है। जिस तरह से देवेंद्र फडणवीस और उनके बीच दूरी बढ़ रही है। उसकी वजह से देर सवेर भाजपा और शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट के बीच में स्थिति असहज हो सकती है। इस डिनर में आए शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट के एक विधायक ने कहा कि यहां पर महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है।
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शिवसेना करेगी विस्तार
विधायक सांसदों को यह बताया गया है कि शिवसेना देश भर में अपना विस्तार करेगी। इसके लिए हर विधायक को अलग राज्यों में विस्तार का कार्य दिया जाएगा। देश के विभिन्न राज्यों में आने वाले समय में जो चुनाव होंगे। वहां पर अपनी स्थिति का आकलन कर शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट भी चुनाव लड़ेगा। इसके अलावा यह निर्णय भी किया गया है कि दिल्ली में हर साल एक बड़ा कार्यक्रम किया जाएगा। जिससे राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की नीतियों को पहुंचाने में मदद हासिल हो पाए।
