शिवसेना का गढ़ या भाजपा का नया किला? संभाजीनगर मनपा में घमासान; बदलते समीकरण
BJP vs Shiv Sena: मराठवाड़ा की राजधानी छत्रपति संभाजीनगर में परंपरागत शिवसेना गढ़ को तोड़ने के लिए भाजपा पूरी ताकत झोंक रही है। बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच सभी प्रमुख दल सत्ता के लिए मैदान में हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar Election: छत्रपति संभाजीनगर, पर्यटन नगरी व मराठवाड़ा की राजधानी, सामाजिक आंदोलनों की सशक्त परंपरा वाले शहर को परंपरागत रूप से शिवसेना का गढ़ माना जाता रहा है और वह भाजपा के साथ मनपा में सत्ता भोगते आई है।
बदलते राजनीतिक समीकरण व जोड़-तोड़ की राजनीति में विभाजन के बाद शिवसेना को सत्ता से बेदखल कर उसे कब्जे में लेने भाजपा पूरी ताकत लगा रही है। इसके साथ ही मनपा में प्रमुख विपक्षी दल एमआईएम, उबाठा, कांग्रेस, दोनों राकांपा, बसपा, वंचित बहुजन आघाड़ी संग अन्य छोटे दल भी जोर आजमाइश कर रहे हैं।
संगठन मजबूती के सहारे चुनाव मैदान में भाजपा
हर प्रभाग में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो चुकी हैं क्या सभी प्रमुख दल इस किले को भेदने में सफल होंगे। भाजपा विकास, संगठनात्मक मजबूती व आक्रामक रणनीति के भरोसे मैदान में है। शिवसेना (शिंदे गुट) सत्ता व प्रशासनिक अनुभव को हथियार बना रही है।
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शिवसेना (उद्धव गुट) पुराने जनाधार व भावनात्मक जुड़ाव को भुनाने की कोशिश में है। कांग्रेस पिछले सभागार में अपने नगरसेवकों की संख्या 11 से अधिक बढ़ाने व टिकट नहीं मिलने से बागियों को कथित रूप से शांत कराने के बाद एमआईएम अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रसासरत है।
दोस्ती व दुश्मनी की असली परीक्षा शुरू
राजनीति में कोई स्थायी दोस्ती दुश्मनी नहीं होती, यहां सिर्फ हित व सत्ता के समीकरण ही निर्णायक होते हैं। इसकी बानगी चुनाव में देखी जा रही है।
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चुनावी तैयारियों ने शहर की राजनीति में रिश्तों की असली तस्वीर भी सामने ला दी है। दोस्ती व दुश्मनी की असली परीक्षा शुरू हो चुकी है। टिकट वितरण से लेकर वार्ड समीकरण तक, वर्षों पुराने साथी अलग-अलग खेमों में खड़े दिख रहे हैं।
नए चेहरों पर खेला दांव
कभी कट्टर विरोधी नए समीकरणों के तहत करीब आते नजर आ रहे है। प्रचार के दौरान मिलने वाला सहयोग, मंचों की मुस्कान व पर्दे के पीछे की सियासत, सब कुछ चुनावी दौर में परखा जा रहा है। कहीं संगठन की ताकत पर भरोसा है, तो कहीं नए चेहरों व सामाजिक समीकरणों के सहारे बाजी पलटने की तैयारी है।
