भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ भाकपा नेता सुधाकर रेड्डी का निधन, सीएम रेवंत रेड्डी ने जताया दुख
CM Revanth Reddy Expressed Grief: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता सुरवरम सुधाकर रेड्डी का शुक्रवार देर रात निधन हो गया। देश भर के नेता इस असाधारण व्यक्तित्व की मौत से शोक में हैं।
- Written By: गीतांजली शर्मा
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता सुरवरम सुधाकर रेड्डी (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Senior CPI Leader Sudhakar Reddy passed away: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता सुरवरम सुधाकर रेड्डी का शुक्रवार देर रात निधन हो गया। पार्टी के अन्य सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। देश के कई नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भी उनके निधन पर दुख जताया है।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की। उन्होंने याद किया कि, नलगोंडा जिले के रहने वाले सुरवरम सुधाकर रेड्डी वामपंथी आंदोलनों और कई जनसंघर्षों में सक्रिय रूप से भाग लेकर राष्ट्रीय स्तर के नेता के रूप में उभरे।
देश ने एक असाधारण नेता खो दिया
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सुरवरम सुधाकर रेड्डी को एक महान नेता बताया है, जो नलगोंडा से दो बार सांसद चुने गए। शोक व्यक्त करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि देश ने एक असाधारण नेता खो दिया है जिसने भारतीय राजनीति पर अपनी अनूठी छाप छोड़ी।
सम्बंधित ख़बरें
Gen Z को राजनीति में मिले मौका… रेवंत रेड्डी ने की युवाओं की पैरवी, बोले- 25 नहीं 21 साल में लड़ें चुनाव
तेलंगाना में दूधाभिषेक पर लगी रोक, तेलंगाना कांग्रेस ने दिया निर्देश; JCB से माला पहनाने पर भी पाबंदी
नितिन गडकरी से मिले रेवंत रेड्डी, रीजनल रिंग रोड और हाईवे प्रोजेक्ट्स को जल्द मंजूरी देने की मांग, कही ये बात
ईमानदारी की ऐसी मिसाल नहीं देखी होगी! दोस्त से उधार लिए थे 1000 रुपए, 35 साल बाद सूद समेत लौटाने पहुंचा शख्स
उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का ने भी सुधाकर रेड्डी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और एक सुदूर गांव से भाकपा के राष्ट्रीय नेतृत्व तक के उनके सफर को याद कर भावुक हुए।
83 वर्ष की उम्र में सुधाकर रेड्डी का निधन
वरिष्ठ नेता सुधाकर रेड्डी 83 वर्ष के थे। पार्टी लाइन से हटकर कई नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। क्योंकि सभी नेताओं की नजर में वह एक असाधारण व्यक्तित्व के धनी थे। पूर्व सांसद ने 2012 से 2019 तक पार्टी के महासचिव के रूप में कार्य किया। उन्होंने एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां उनका वृद्धावस्था संबंधी बीमारियों का इलाज चल रहा था।
यह भी पढ़ें:हैदराबाद में एक ही घर में 5 लोगों की मौत, हत्या और आत्महत्या के बीच उलझी पुलिस
सुधाकर रेड्डी का परिवार
सुधाकर रेड्डी के परिवार में उनकी पत्नी विजयलक्ष्मी और दो बेटे हैं। वे 1998 और 2004 में नलगोंडा निर्वाचन क्षेत्र से दो बार लोकसभा के लिए चुने गए।25 मार्च, 1942 को तेलंगाना के महबूबनगर जिले के कांचुपाडु गांव में एक स्वतंत्रता सेनानी के पुत्र के रूप में जन्मे सुधाकर रेड्डी ने अखिल भारतीय छात्र संघ (एआईएसएफ) से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की।
उन्होंने कुरनूल के उस्मानिया कॉलेज से बी.ए. किया और उस्मानिया विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री प्राप्त की। वरिष्ठ नेता सुधाकर रेड्डी के निधन से सारा तेलांगना प्रदेश साथ ही पूरा देश शोकाकुल है।
(एजेंसी इनपुट)
