तेलंगाना-ओडिशा समेत इन राज्यों तक फैलेगा आंध्र का बंदरगाह नेटवर्क, जानें क्या है सरकार की रणनीति

Andhra Pradesh logistics hub: आंध्र प्रदेश में लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकास के लिए 9,000 करोड़ रुपये का निवेश, बंदरगाहों का आधुनिकीकरण होगा
तेलंगाना और महाराष्ट्र तक फैलेगा आंध्र का बंदरगाह नेटवर्क, जानें क्या है सरकार की रणनीति
आंध्र प्रदेश में लॉजिस्टिक्स हब बनाने की तैयारी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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India East Coast gateway: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य को भारत का प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि तेलंगाना, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक और ओडिशा के कई क्षेत्रों के लिए आंध्र प्रदेश के बंदरगाहों को अनुमति दी गई है। इस योजना का उद्देश्य इन राज्यों से कार्गो परिवहन को सुचारू और तेज बनाना है।

सरकार ने 1,053 किलोमीटर लंबी तटरेखा का विकास करते हुए हर 50 किलोमीटर पर एक नया बंदरगाह या मौजूदा बंदरगाह का विस्तार करने की रणनीति बनाई है।

9,000 करोड़ रुपये के निवेश

नायडू यह बातें आंध्र प्रदेश मैरीटाइम बोर्ड और एक वैश्विक पोर्ट इंजीनियरिंग कंपनी की सहायक इकाई के बीच समझौता (CoDIOU) पर हस्ताक्षर समारोह के दौरान साझा कर रहे थे। इस योजना के अंतर्गत रामयपट्टनम, फिशपट्टनम और मुलपेटा बंदरगाहों में करीब 9,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ उनका आधुनिकरण किया जाएगा।

लगभग 10,000 लोगों को सीधा रोजगार

इन बंदरगाहों पर कंपनी अत्याधुनिक टर्मिनल और कार्गो हैंडलिंग सिस्टम स्थापित करेगी, जिससे लॉजिस्टिक्स और परिवहन प्रक्रियाओं में काफी सुधार होगा। परियोजना के शुरुआती चरण में लगभग 10,000 लोगों को सीधे रोजगार मिलने की संभावना है, जबकि इसके अप्रत्यक्ष प्रभाव से और भी हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।

राज्य सरकार का उद्देश्य आंध्र प्रदेश को भारत के ईस्ट कोस्ट गेटवे के रूप में विकसित करना है, और इस महत्वाकांक्षी योजना के साथ यह लक्ष्य अब और भी स्थिर और सशक्त रूप से आगे बढ़ रहा है। यह परियोजना न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि राज्य को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश के लिए भी एक प्रमुख केंद्र बनाएगी।

घरेलू कार्गो परिवहन को लाभ

मुख्यमंत्री नायडू ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि कंपनी की सेवाओं से न केवल अंतरराष्ट्रीय बल्कि घरेलू कार्गो परिवहन को भी लाभ मिले। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि बंदरगाहों के आसपास मजबूत आर्थिक ढांचा विकसित किया जाए।

मुख्यमंत्री नायडू ने बताया कि राज्य का लक्ष्य है आंध्र प्रदेश को विश्व धरोहर, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स के जरिए एक भविष्य-उन्मुख अर्थव्यवस्था में परिवर्तित करना। उन्होंने कंपनी से अनुरोध किया कि वह रेल, सड़क, अंतर्देशीय जलमार्ग और हवाई मार्ग के माध्यम से कार्गो परिवहन की योजना तैयार करने में सहयोग प्रदान करे। इस अवसर पर मंत्री बी.सी. जनार्दन रेड्डी, मैरीटाइम्स बोर्ड के प्रमुख दमचार्ला सत्य, उद्योग विभाग के सचिव, वरिष्ठ अधिकारी और कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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