रोज सुबह करें ये 7 योगासन, शरीर रहेगा फिट और दिनभर रहेंगे एनर्जेटिक
Yoga for Fitness: रोज सुबह किए जाने वाले 8 असरदार योगासनों के बारे में जानें। ताड़ासन से शवासन तक हर योगासन के फायदे और फिट, हेल्दी व एनर्जेटिक रहने के आसान टिप्स।
- Written By: वंदना शर्मा
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद को फिट और मानसिक रूप से शांत रखना किसी चुनौती से कम नहीं है। ऐसे में दिन की शुरुआत योग से करना सबसे अच्छी आदतों में से एक माना जाता है। सुबह के समय योग करने से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है, मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और पूरे दिन के लिए ऊर्जा मिलती है। नियमित योगाभ्यास से शरीर की लचीलापन बढ़ता है, इम्यूनिटी मजबूत होती है और तनाव व चिंता को कम करने में भी मदद मिलती है। इसके अलावा योग सांस लेने की क्षमता को बेहतर बनाता है और मानसिक एकाग्रता बढ़ाने में भी सहायक होता है। आइए जानते हैं ऐसे 8 प्रभावी योगासन, जिन्हें रोज सुबह करने से आप खुद को फिट, हेल्दी और एनर्जेटिक रख सकते हैं।
वृक्षासन यानी पेड़ की मुद्रा, शरीर और मन दोनों के संतुलन को बेहतर बनाने वाला प्रभावी योगासन है। इस आसन को करते समय एक पैर पर संतुलन बनाना पड़ता है, जिससे पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और शरीर की स्थिरता बढ़ती है। नियमित अभ्यास से एकाग्रता और फोकस में भी सुधार होता है। यह योगासन घुटनों, टखनों और जांघों को मजबूत बनाने में मदद करता है। रोज सुबह कुछ मिनट तक वृक्षासन करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और शरीर अधिक संतुलित महसूस करता है।
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भुजंगासन को कोबरा पोज भी कहा जाता है। यह पीठ, कमर और रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने वाला बेहद प्रभावी योगासन है। लंबे समय तक लैपटॉप या डेस्क पर काम करने वाले लोगों के लिए यह आसन काफी फायदेमंद माना जाता है। इसे करने से रीढ़ की लचीलापन बढ़ती है, कंधों और छाती में खिंचाव आता है तथा कमर दर्द की समस्या में राहत मिल सकती है। इसके अलावा यह फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने और शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में भी मदद करता है। नियमित अभ्यास से शरीर अधिक सक्रिय और चुस्त महसूस करता है।
त्रिकोणासन पूरे शरीर की स्ट्रेचिंग के लिए बेहतरीन योगासन माना जाता है। इसे करने से कमर, कंधे, पीठ, जांघ और पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। यह शरीर का लचीलापन बढ़ाने के साथ-साथ संतुलन बनाए रखने में भी मदद करता है। नियमित अभ्यास से कमर के आसपास जमा अतिरिक्त चर्बी कम करने में भी सहायता मिल सकती है। यह आसन शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाता है और लंबे समय तक बैठने से होने वाली जकड़न को दूर करने में मदद करता है। सुबह इसका अभ्यास करने से पूरे दिन शरीर हल्का और एक्टिव महसूस करता है।
वज्रासन एक ऐसा योगासन है जिसे भोजन के बाद भी किया जा सकता है। यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए सबसे प्रभावी आसनों में से एक माना जाता है। इसे नियमित करने से गैस, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है। साथ ही यह मानसिक तनाव कम करने और मन को शांत रखने में भी मदद करता है। वज्रासन रीढ़ की हड्डी को सीधा रखने में सहायक होता है और ध्यान लगाने के लिए भी उपयुक्त आसन माना जाता है। सुबह या भोजन के बाद कुछ मिनट इसका अभ्यास करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकता है।
सेतु बंधासन यानी ब्रिज पोज शरीर के ऊपरी हिस्से को मजबूत बनाने वाला महत्वपूर्ण योगासन है। इसे करने से छाती खुलती है, रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और गर्दन व पीठ की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। यह शरीर में रक्त संचार बेहतर करने और थकान दूर करने में भी मदद करता है। इसके अलावा यह तनाव कम करने और शरीर को रिलैक्स महसूस कराने में सहायक माना जाता है। रोज सुबह इस आसन का अभ्यास करने से शरीर अधिक लचीला और ऊर्जावान बना रहता है।
पवनमुक्तासन पेट से जुड़ी समस्याओं के लिए बेहद लाभकारी योगासन माना जाता है। यह गैस, कब्ज और अपच जैसी परेशानियों से राहत दिलाने में मदद करता है। इस आसन को करने से पेट की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और पाचन क्रिया बेहतर होती है। साथ ही यह कमर और कूल्हों की मांसपेशियों में भी खिंचाव पैदा करता है। सुबह खाली पेट इसका अभ्यास करने से पेट हल्का रहता है और दिनभर शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है।
योगाभ्यास का समापन हमेशा शवासन से करना चाहिए। यह शरीर और मन को पूरी तरह रिलैक्स करने वाला सबसे महत्वपूर्ण योगासन माना जाता है। पूरे योग सत्र के बाद शवासन करने से मांसपेशियों की थकान दूर होती है, हृदय गति सामान्य होती है और मानसिक तनाव कम होता है। यह ध्यान और एकाग्रता बढ़ाने में भी सहायक होता है। रोजाना 5 से 10 मिनट शवासन करने से शरीर को गहरा आराम मिलता है और पूरे दिन सकारात्मक ऊर्जा व ताजगी का अनुभव होता है।
