107 करोड़ रुपये जारी होने से केवल मकान निर्माण ही नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। निर्माण कार्य बढ़ने से स्थानीय स्तर पर मजदूरों, राजमिस्त्रियों, निर्माण सामग्री विक्रेताओं और छोटे कारोबारियों को रोजगार मिलेगा। इससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी और स्थानीय बाजार को भी फायदा पहुंचेगा।