क्या आपने देखी है भारत की पहली मस्जिद, रमजान मौके पर यहां घूमने का बनाएं प्लान
ईद के मौके पर सब आपस में मिलते है नमाज अदा करने के साथ इबादत करते है। अगर आप भी ईद के दिन को खास बनाना चाहते हैं तो, भारत की सबसे पुरानी मस्जिद को एक्सप्लोर कर सकते है।
- Written By: दीपिका पाल
Cheraman Juma Masjid: रमजान का महीना चल रहा है इसके साथ ही 31 मार्च को ईद मनाई जाएगी। ईद के मौके पर सब आपस में मिलते है नमाज अदा करने के साथ इबादत करते है। अगर आप भी ईद के दिन को खास बनाना चाहते हैं तो, भारत की सबसे पुरानी मस्जिद को एक्सप्लोर कर सकते है।
भारत की सबसे पुरानी मस्जिद चेरामन जुमा मस्जिद है, जो केरल के त्रिशूर जिले के मथला गांव में स्थित है। यह मस्जिद न केवल भारत बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की सबसे प्राचीन मस्जिदों में से एक मानी जाती है। इसे दुनिया की दूसरी मस्जिद भी कहते है।
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इस खास प्राचीन मस्जिद की स्थापना 629 ईस्वी में हुई थी, जिसे इस्लाम के आगमन के शुरुआती वर्षों का प्रमाण माना जाता है। कहा जाता है कि चेरामन पेरुमल, जो केरल के एक हिंदू राजा थे, ने मक्का की यात्रा की और वहां इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया। उन्होंने मलिक बिन दीनार और उनके साथियों को अपने क्षेत्र में इस्लाम का प्रचार करने के लिए भेजा।
इस मस्जिद की संरचना केरल के पारंपरिक मंदिरों की शैली से प्रभावित है। यहां भारतीय और इस्लामी वास्तुकला का अनूठा मेल देखने को मिलता है। मस्जिद में पुराने शिलालेख आज भी देखे जा सकते हैं जो कि अरबी और मलयालम में लिखे हैं।
प्रारंभिक निर्माण में स्थानीय सामग्री का उपयोग किया गया था। लकड़ी और नारियल के ताड़ के पत्तों से छत बनी थी। इस मस्जिद में प्रवेश करने से पहले हिंदू परंपरा के अनुसार दीप जलाने की परंपरा आज भी निभाई जाती है।
इस मस्जिद तक आने के लिए आप रेलवे स्टेशन कोडुंगलुर रेलवे स्टेशन पहुंचें। जहां पर स्टेशन से मस्जिद लगभग 3 किमी दूर है। वहीं कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की दूरी 30 किमी है। त्रिशूर और कोच्चि से बस या टैक्सी द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है।
